चंडीगढ़, जेएनएन। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी यहां पर काम नहीं करना चाहते हैं वह मूल कैडर में लौट सकते हैं।मंगलवार देर शाम को पानी के रिवाइज रेट का प्रस्ताव पर अधिकारी अड़ गए और उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास फिर फंड की कमी हो जाएगी ऐसे में वह काम नहीं करेंगे।

चीफ इंजीनियर शेलेंद्र सिंह ने भी कहा कि ऐसे में उनके पास काम के लिए कोई न आए। कमिश्नर केके यादव ने भी कहा कि काम करवाने के लिए फंड नहीं होगा। जिस पर भाजपा के पार्षद भड़क गए और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा ने चीफ इंजीनियर को भी अपने मूल कैडर में वापस लौट जाने की सलाह दी।

रवि कांत शर्मा ने कहा कि जब अधिकारी नगर निगम में काम ही नहीं करना चाहते है तो उन्हें वापस लौट जाना चाहिए।पार्षद अपने आप ही काम करवा लेंगे। मालूम हो कि दिसंबर माह में पानी के दो से तीन गुना रेट बढ़ाकर नगर निगम ने 110 करोड़ रुपये का घाटा पूरा करने का प्रयास किया लेकिन अब भाजपा के पार्षद डेढ़ गुना कम रेट करना चाहते हैं लेकिन पिछले लिए फैसले की ड्राफ्ट अधिसूचना जारी हो चुकी है।

भाजपा अध्यक्ष ने गवर्नर से मिलने का मांगा समय

भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने अधिकारियों के व्यवहार पर पंजाब के गवर्नर एवं प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मिलने का समय मांगा है।भाजपा अध्यक्ष सभी पार्षदों को साथ लेकर जाना चाहते हैं।भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि वह शहर का विकास करवाना चाहते हैं लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं करना चाहते हैं।

उनका कहना है कि सदन सुप्रीम है और रेट रिवाइज करने का अधिकार सदन के पार्षदों के पास है।ऐसे में कमिश्नर को आपति दर्ज नहीं करनी चाहिए।इससे पहले भी कई सदन ने पहले लिए गए फैसलों को रिवाइज किया है।

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