पंजाब के बंदी सिंहों की रिहाई की मांग, विदेशाें में भी बना मुद्दा; NRI ने चलाया इंटरनेट मीडिया पर कैंपेन
विदेशों में रह रहे एनआरआई सिखों ने केंद्र सरकार से बंदी सिंहों की रिहाई की अपील की है। उन्होंने सोशल ...और पढ़ें

बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब में भी धरने-प्रदर्शन किए जा चुके हैं। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
कानूनी स्थिति की समीक्षा कर निर्णय लेने की अपील।
केंद्र सरकार से सिख कैदियों के मामलों पर विचार की अपील।
इंटरनेट मीडिया के जरिए वैश्विक अभियान चलाया जा रहा है।
संवाद सहयोगी, डेराबस्सी (मोहाली)। पंजाब के बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा अब विदेशों में भी उठने लगा है। विभिन्न देशों में रह रहे एनआरआई सिखों ने संयुक्त अपील जारी करते हुए केंद्र सरकार से उन सिख कैदियों के मामलों पर विचार करने की मांग की है, जिनका दावा है कि वे अपनी अदालती सजा पूरी कर चुके हैं।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों की कानूनी स्थिति की समीक्षा कर नियमों के अनुसार रिहाई पर निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे मानवीय और न्याय से जुड़ा विषय बताते हुए केंद्र एवं संबंधित राज्य सरकारों से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
इस अभियान में कीरत सिंह, अमृतपाल सिंह, मनिंदर सिंह, राजवीर सिंह, हरप्रीत सिंह और करनदीप सिंह सहित कई सिख शामिल हैं। अभियान के तहत इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों से विभिन्न देशों में रह रहे सिख समुदाय तक अपनी अपील पहुंचाई जा रही है
एनआरआई सिखों ने कहा है कि जिन बंदियों की सजा पूरी होने का दावा किया जा रहा है, उनके मामलों की कानूनी स्थिति की समीक्षा की जाए। बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा पंजाब की राजनीति में भी लंबे समय से उठता रहा है।
शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) भी इस मांग को विभिन्न मंचों पर उठाता रहा है। कौमी इंसाफ मोर्चा भी बंदी सिंहों की रिहाई की मांग लंबे समय से कर रहा है। मोर्चा के आह्वान पर सिख व किसान जत्थेबंदियों कई बार धरने-प्रदर्शन कर चुकी है। पंजाब भी बंद रखा जा चुका है।
