मोहाली, [संदीप कुमार]।  ज्ञान सागर इंटीट्यूट एंड मेडिकल कॉलेज (बनूड़) के आइसोलेशन वार्ड में खामियों का अहम खुलासा हुआ है। वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों की ओर से बनाई गई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि यहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों को उचित भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है। यहां तक कि उन्हें खाने को सूखी रोटियां मिल रही हैं।

कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए पंजाब के तीन जिलों का एक ही आइसोलेशन सेंटर ज्ञान सागर (बनूड़) में बनाया गया है। सेंटर में मोहाली, रोपड़ व फतेहगढ़ साहिब के कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों की ओर से बनाए गए वीडियो में नजर आ रहा है कि मरीजों को खाने के लिए सूखी सब्जी के साथ सूखी रोटियां दी जा रही हैं। इस वीडियो में नादेड़ साहिब (महाराष्ट्र) से आए 10 ड्राइवर भी भर्ती दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने वीडियो बनाकर यह दिखाना चाहा है कि यहां इलाज के लिए भेजे गए मरीजों को किन असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

उनका आरोप है कि प्रशासन लोगों को जो वैसे तो तमाम सावधानियां बरतने की नसीहत दे रहा है, लेकिन क्वारंटाइन या आइसोलेशन सेंटर में ही नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि मरीज को खाने में हर बार आलू की सब्जी, पीने के लिए दूषित पानी, दवाई में एक गोली कैल्शियम और मलेरिया की दवा दी जा रही है। न तो उन्हें पीने को गर्म पानी मिल रहा है कि और न ही सेनिटाइजर।

संक्रमित बस ड्राइवरों ने कहा- प्रशासन के इंतजाम फेल

30 अप्रैल को रोपड़ डीपू में तैनात नादेड़ साहिब से हरजिंदर सिंह सहित 10 ड्राइवर अपनी बसों में श्रद्धालु लेकर पहुंचे थे। हरजिंदर सिंह सहित रोपड़ डीपू के अन्य ड्राइवरों का आरोप है कि संक्रमित मरीजों के इलाज के प्रबंध फेल हैं। उन्हें जिस आइसोलेशन सेंटर में रखा गया, वहां एक वार्ड में कोरोना संक्रमित 20-20 मरीज एक साथ रखे गए थे। उन्हें नहाने के लिए मात्र एक बाल्टी दी गई थी, जिसे चार-चार मरीज इस्तेमाल कर रहे थे। नहाने के लिए एक ही साबुन का सभी मरीज इस्तेमाल कर रहे हैं। मरीजों को टूंटियों से आ रहा गंदा पानी पिलाया जा रहा है।

छुट्टी मिलने के बाद भी अपने बना रहे फासला

साहिबजादा फतेह सिंह नगर निवासी अमनप्रीत कौर, 47 वर्षीय खरड़ निवासी हरजिंदर सिंह, 46 वर्षीय लखबीर सिंह, 34 वर्षीय गांव खुबशेरी जिला मोहाली परमजीत सिंह, गांव संगतपुर खरड़ निवासी 41 वर्षीय कुलविंदर सिंह ने बताया कि उनके घरों के बाहर लगे कोविड-19 के बोर्ड ने उन्हें अपनों से दूर कर दिया है। लोग उनसे मिलने नहीं आते। बेशक आज वह पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन लोग अभी भी उनसे बात करने में कतराते हैं।

जिस वीडियो के जरिये खामियों के खुलासे की बात कही जा रही है वह काफी पुराना है, बाद में यहां की व्यवस्था सुधार ली गई थी। दरअसल, खाने की क्वॉलिटी में दिक्कत नहीं थी बल्कि मात्रा में थी। क्योंकि आम जौर पर ड्राइवर ज्यादा खाना खाते हैं। दरअसल वह मरीज वहां रहना ही नहीं चाहते थे। मरीजों को पीने के लिए साफ पानी दिया जा रहा है।

- डॉ.गुरमिंदर सिंह मैमी, डायरेक्टर ईएसआइ व नोडल ऑफिसर ज्ञान सागर।

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