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'सिद्धांतों से समझौता...', 4 दिन में ही अमृतपाल की पार्टी से अलग हुए पूर्व ED उप निदेशक निरंजन सिंह; सियासी हलचल तेज

Published: Sun, 27 Sep 2026 08:06 PM (IST)

सेवानिवृत्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक निरंजन सिंह अकाली दल वारिस पंजाब दे से जुड़ने के महज चार दिन ...और पढ़ें

वारिस पंजाब दे से अलग हुए पूर्व ED उप निदेशक निरंजन सिंह। फाइल फोटो

वारिस पंजाब दे से अलग हुए पूर्व ED उप निदेशक निरंजन सिंह। फाइल फोटो

रोहित कुमार, चंडीगढ़। सेवानिवृत्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक निरंजन सिंह ने अकाली दल वारिस पंजाब दे से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी के साथ जुड़ने की घोषणा के महज चार दिन बाद लिए गए उनके इस फैसले से पंजाब की राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है। निरंजन सिंह ने रविवार को इंटरनेट मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी से अलग होने की जानकारी दी।

निरंजन सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं खुद को अकाली दल वारिस पंजाब दे से अलग करता हूं। उन्होंने बताया कि पंजाब में नशे की समस्या, भ्रष्टाचार, गैंगस्टरवाद, जबरन वसूली और नशा तस्करी में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता जैसे मुद्दों को लेकर उन्होंने अकाली दल वारिस पंजाब दे को अपना समर्थन दिया था। इन्हीं मुद्दों को लेकर उन्होंने पिछले बुधवार को पार्टी के साथ जुड़ने की घोषणा की थी।

समझौते योग्य नहीं मुद्दे

हालांकि, अब निरंजन सिंह ने कहा है कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर उनके मतभेद हैं और वे समझौता योग्य नहीं हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में इन मुद्दों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के आचरण को भारत के संविधान के दायरे में रखने की बात कही है।

निरंजन सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब अकाली दल वारिस पंजाब दे सांसद अमृतपाल सिंह की अगुआई में अपनी राजनीतिक गतिविधियां आगे बढ़ा रहा है। निरंजन सिंह के पार्टी से अलग होने के फैसले को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लेकर कोई आरोप नहीं लगाया है।

चार दिन पहले ही पार्टी से जुड़ने की घोषणा की थी

निरंजन सिंह ने पिछले बुधवार को अकाली दल वारिस पंजाब दे को समर्थन देने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने पंजाब में नशे और भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर मुद्दों को लेकर पार्टी के साथ खड़े होने की बात कही थी। लेकिन चार दिन बाद ही उन्होंने पार्टी से अपना संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी।

संविधान के दायरे में आचरण पर जोर

पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हुए निरंजन सिंह ने सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के लिए संविधान के दायरे में आचरण को जरूरी बताया। उनके बयान में किसी विशेष मुद्दे या व्यक्ति का नाम नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में असहमति को लेकर उनकी स्थिति साफ है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर मतभेद हैं, उन पर समझौता संभव नहीं है।