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संगरूर आत्महत्या मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त, पंजाब सरकार और DGP को भेजा नोटिस

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:02 PM (IST)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संगरूर में एक बुजुर्ग की आत्महत्या के मामले में पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।

संगरूर में बुजुर्ग की आत्महत्या पर एनएचआरसी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजा नोटिस।

संगरूर में बुजुर्ग की आत्महत्या पर एनएचआरसी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजा नोटिस।

HighLights

  1. NHRC ने संगरूर आत्महत्या मामले में लिया सख्त संज्ञान

  2. पंजाब सरकार, डीजीपी को 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश

  3. मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप, मृत्यु पूर्व बयान की प्रति मांगी

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब के संगरूर में एक बुजुर्ग व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।

आयोग ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतक के मृत्यु पूर्व बयान की प्रति भी मांगी गई है। पंजाब सरकार को मामले में 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण और कार्रवाई रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश करनी होगी।

नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने पर परेशान करने का आरोप

पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन राजेश बग्गा की ओर से संगरूर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान की गई शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत पर रोक लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के मुताबिक, बुजुर्ग ने यह भी बताया था कि उसके परिवार के कुछ सदस्य नशे की लत से पीड़ित हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बुजुर्ग की ओर से नशे को लेकर चिंता जताए जाने के बाद मंत्री के समर्थकों और स्थानीय पुलिस ने उसे परेशान किया। उस पर माफी मांगने का दबाव बनाए जाने का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार, कथित दबाव और उत्पीड़न से आहत होकर बुजुर्ग ने जहरीला पदार्थ निगल लिया और आत्महत्या कर ली।

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मृत्यु पूर्व बयान में मंत्री को जिम्मेदार ठहराने का आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि बुजुर्ग ने मृत्यु पूर्व बयान में अपनी मौत के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। एनएचआरसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के प्रशासन और पुलिस से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश

एनएचआरसी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया है कि मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। आयोग ने मृतक के मृत्यु पूर्व बयान की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध कराने को कहा है।

प्रशासन को 15 दिन के भीतर अपना जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आयोग ने कहा है कि पंजाब सरकार की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

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