जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल में शरारत की गली और मस्ती की पाठशाला है। यहां बच्चे पढ़ाई के साथ शरारत के साथ मस्ती भी करते हैं। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूल में यह सब सुविधाएं बच्चों के लिए स्थापित की गई हैं। ऐसे में बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जा रहा है। यह पढ़ाई का यह नया तरीका सरकारी स्कूल धनास में शुरू किया गया है।

न्यू एजुकेशन पालिसी के तहत गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल आरसी-3 धनास में बच्चे खेल -खेल में पढ़ाई कर रहे हैं। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की तरफ से नवंबर 2021 में धनास में चौथे स्कूल को शुरू किया है, जो पांचवीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है। धनास के अन्य तीन स्कूल में ज्यादा स्टूडेंट्स को नए स्कूल में शिफ्ट किया जा रहा है।

स्कूल में मुख्य द्वार के साथ शरारत की गली बनाई गई है। इस गली के अंदर स्टूडेंट्स को खुद का बैलेंस बनाने के लिए विशेष रास्ता तैयार किया गया है। इसी के साथ खेलने के समय झुकने और ऊपर चढ़कर खेलने के लिए विशेष नालियों का स्थापित किया गया है। बच्चों को जानवरों और प्रकृति के बारे में अवगत करवाने के लिए दीवारों पर पेटिंग और चित्रकारी की गई है। इस गली में बच्चे खेलने के साथ प्रकृति से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल करते हैं। 

स्कूल के अंदर बनाई गई मस्ती की पाठशाला।

प्लेवे से नर्सरी के बच्चे करेंगे पढ़ाई

नर्सरी क्लास की पढ़ाई कराने के लिए स्कूल में प्लेवे मैथड़ की तैयारी की गई है। जिसके लिए मस्ती की पाठशाला तैयार की गई है। मस्ती की पाठशाला तक पहुंचने के लिए रोचक तरीका बनाया किया गया है, जिसके स्टूडेंट्स खेलने के साथ गिनती सीखेंगे। इसी के साथ मस्ती की पाठशाला में एंट्री करने के बाद नर्सरी लेवल कर पढ़ाई को खेल-खेल में सीख सकेंगे।

स्कूल में बनाया जा रहा स्पेशल पार्क

शिक्षा विभाग इसी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल और शारीरिक तौर पर सशक्त बनाने के लिए स्पेशल पार्क का निर्माण कर रहा है। विभाग ने यह कार्य को स्वयंसेवी संस्था अर्पण के सहयोह से शुरू किया है। स्कूल अध्यापक मुनीष और नवदीप शर्मा ने बताया कि स्कूल में न्यू एजुकेशन पालिसी के हर नियम का पालन करने की तैयारी है। बच्चे इस तरह पढ़ाई से काफी खुश हैं और स्कूल में उनका मन लगा रहता है।

Edited By: Ankesh Thakur