चंडीगढ़ ,[कैलाश नाथ]।  नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष बनने के बाद पार्टी में तेजी से समीकरण बदले हैं और उलट-फेर का माहौल है। ऐसे में राज्‍य की कैबिनेट में फेरबदल फिलहाल कुछ दिन नहीं हाेने के संकेत है। पार्टी के नेतृत्‍व में बदलाव के साथ ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कैबिनेट में फेरबदल होना है लेकिन इसमें अभी समय लग सकता है। कैप्‍टन अमरिंदर उलट-फेर पर निगाहें बनाए हुए हैं और वेट एंड वाच के मूड में हैं।

सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष बनने के बाद पार्टी में तोड़-जोड़ व समीकरण में बदलाव का दौर

नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में कई प्रकार के बदलाव हो रहे हैं। कांग्रेस विधायकों व मंत्रियों का एक वर्ग सिद्धू के साथ चल रहा है तो एक बड़ा वर्ग अब भी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पूरी तरह खड़ा नजर आ रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अभी कैबिनेट में फेरबदल के लिए इंतजार करना उचित समझा है। कैबिनेट में फेरबदल को लेकर पहले जो गतिविधियां शुरू हुई थी, वह अब शिथिल पड़ती नजर आ रही हैं।

नए समीकरण में विधायकों की उठापटक शांत होने के बाद ही होगा कैबिनेट पर फैसला

पंजाब कांग्रेस में करीब तीन महीने से जारी अंतर्कलह के बीच कांग्रेस में दो बड़े बदलाव होने तय थे। एक संगठन में और दूसरा सरकार में। संगठन में बड़ा फेरबदल हो चुका है जबकि सरकार में अभी फेरबदल होना बाकी है। चुनावी वर्ष में जहां कैबिनेट में एक खाली कुर्सी को भरा जाना है तो वहीं, एक दो ऐसे मंत्री भी हैं जिनके कामकाज से मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं हैं। इन मंत्रियों की छुट्टी करके उनकी जगह नए चेहरों को दी जानी है।

वहीं कांग्रेस हाईकमान की ओर से मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर की पसंद का प्रदेश अध्यक्ष न बनाने से स्थितियों में बदलाव आ गया है। पहले कहा जा रहा था कि संगठन के साथ ही कैबिनेट में भी फेरबदल किया जाएगा लेकिन अब तस्वीर बदल गई है।

मंत्रियों और विधायकाें के कदमों पर सीएम कैप्‍टन अमरिंदर की पैनी नजर

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार अब यह देखा जा रहा है कि कौन सा मंत्री और कौन सा विधायक किस तरफ चल रहा है। माझा एक्सप्रेस कहे जाने वाले कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया व सुखजिंदर सिंह रंधावा के अलावा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खुलकर नवजोत सिंह सिद्धू के साथ चल रहे हैं। इस हालात में मंत्रियाें और विधायकों के रुख व कदम पर सीएम अ‍मरिंदर सिंह की पैनी नजर है।

हालांकि कैप्टन अमरिंदर ने सिद्धू के ताजपोशी समारोह में खुद कहा था कि पार्टी के नए अध्यक्ष का सहयोग करें लेकिन जिस प्रकार मंच से नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन का नाम न लेकर व सरकार की कारगुजारी पर उंगली खड़ी की, उससे कैप्टन खासे नाखुश हैं। हालांकि कैप्टन ने सिद्धू के साथ अपने पुराने विवादों को किनारे रखते हुए न केवल उनके साथ मंच सांझा किया बल्कि चाय पार्टी का भी आयोजन किया था।

मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के करीबी सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट फेरबदल फिलहाल इस माह संभव नहीं है। इसमें अभी और समय लगेगा। राजनीतिक हालात में बदलाव आया है और स्थितियों के सामान्य होने के बाद ही कैबिनेट में फेरबदल होगा।

 

Edited By: Sunil Kumar Jha