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न्यू चंडीगढ़ के 16 गांवों में वन भूमि की निशानदेही पर सवाल, 14 सितंबर तक हाईकोर्ट ने मांगी है रिपोर्ट

Published: Sat, 29 Aug 2026 06:56 PM (IST)

न्यू चंडीगढ़ के 16 गांवों में वन भूमि की पहचान का मामला अब हाईकोर्ट की निगरानी में है, जिसने 14 ...और पढ़ें

वन भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर चल रहा सर्वे। (सांकेतिक फोटो)

वन भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर चल रहा सर्वे। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. वन भूमि को कृषि बताकर सौदे करने के आरोप।

  2. कोई बयाना करता है तो उसे रोका नहीं जा सकता।

  3. डीसी बोलीं- सर्वें रिपोर्ट को लेकर पूरी पारदर्शिता।

जागरण संवाददाता, मोहाली। न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र के 16 गांवों में वन भूमि की पहचान और निशानदेही का मामला अब हाईकोर्ट की निगरानी में है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संबंधित क्षेत्र का सर्वे कर वन भूमि की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट 14 सितंबर तक पेश करने के निर्देश दिए हैं।

इसी बीच कुछ प्राॅपर्टी डीलरों और कथित भू-माफिया की भूमिका को लेकर शिकायतें सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कुछ गांवों में संभावित खरीदारों को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि जिस जमीन के वन भूमि की श्रेणी में आने की संभावना है, उसे निशानदेही के दौरान कृषि अथवा रिहायशी भूमि के रूप में दर्ज करवा दिया जाएगा।

आरोप है कि इसी तरह के दावों के आधार पर जमीन के सौदों में बड़ी रकम की लेन-देन की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

निशानदेही से पहले सौदों पर उठे सवाल

मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक सर्वे और निशानदेही से जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक उसे कृषि या रिहायशी भूमि बताकर सौदे करना खरीदारों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

यदि किसी जमीन को बाद में वन भूमि की श्रेणी में पाया जाता है तो ऐसे सौदों से जुड़े विवाद भी सामने आ सकते हैं। शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग खरीदारों को यह कहकर जमीन लेने के लिए तैयार कर रहे हैं कि सर्वे के बाद संबंधित जमीन को वन भूमि की श्रेणी से बाहर करवा दिया जाएगा।

यदि जांच में इस तरह के प्रयास सही पाए जाते हैं तो यह न केवल जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ा गंभीर मामला होगा, बल्कि हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर सकता है।

राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का हो मिलान

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि 16 गांवों में सर्वे के दौरान पुराने राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी, नक्शों और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाए। निशानदेही की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जाए, ताकि किसी व्यक्ति या प्रभावशाली समूह के दबाव में रिकॉर्ड में बदलाव की गुंजाइश न रहे।

करोड़ों के जमीन कारोबार पर असर संभव

न्यू चंडीगढ़ में जमीन की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में किसी जमीन के वन, कृषि या रिहायशी श्रेणी में होने से उसके बाजार मूल्य में बड़ा अंतर पड़ता है। यही वजह है कि 16 गांवों में होने वाली निशानदेही को लेकर जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की नजर हाईकोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट पर है।

न्यू चंडीगढ़ के 16 गांवों की रजिस्ट्री बंद

मोहाली के डीसी कोमल मित्तल ने कहा कि न्यू चंडीगढ़ के 16 गांवों की रजिस्ट्री बंद है। अगर कोई इन गांवों की जमीन का कोई बयाना करता है तो उसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन लोगों जागरूक होने की जरूरत है। सर्वें रिपोर्ट को लेकर पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने की हिदायत की गई।