जेएनएन, अमृतसर। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ विवाद के बाद पूर्व निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू तीसरी बार घर से बाहर निकले और इस बार भी उन्होंने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। सिद्धू ने गत दिवस वार्ड नंबर 47 एकता नगर में फीता काट कर गरीब बच्चों को पढ़ाने के स्कूल की शुरुआत की।

इस दौरान मीडिया ने सिद्धू के साथ बात करने की कोशिश की, मगर उन्होंने किसी के साथ भी बात करने से इनकार कर दिया। मीडिया कर्मियों ने सिद्धू से मिलने की कोशिश की तो उनकी सुरक्षा पर तैनात कमांडोज ने उनसे (मीडिया) धक्का-मुक्की की। वहींं, दूसरी तरफ विधायक सिद्धू के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि ईस्ट विधानसभा हलका में इस तरह के और स्कूलों की भी जल्द ही शुरुआत की जाएगी। इसमें समाज के आर्थिक तौर से कमजोर वर्ग के बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

32 स्कूल खोल चुकी है नोबेल फाउंडेशन

नोबेल फाउंडेशन के अध्यक्ष राजिंदर शर्मा ने बताया कि वे पंजाब में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा उनके घरों के निकट देना चाहते हैं। इसलिए वह स्कूल झुग्गी-झोपडिय़ों के बीच ही शुरू करते हैं ताकि बच्चों को स्कूल के लिए दूर नहीं जाना पड़े। इससे कुल 32 स्कूल खोल चुके हैं, जो लुधियाना के अलावा चंडीगढ़, पटियाला के गांव घग्ग, गुरु हरसहाय, जलालाबाद और अबोहर में हैं। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से बच्चों को स्कूल बैग, किताबें और यूनिफॉर्म दी जाती है।

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