चंडीगढ़/ पटियाला, जेएनएन। Navjot Sidhu Road Rage Case Live: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 34 साल पुराने रोड रेज मामले में एक वर्ष के सश्रम कैद की सजा सुनाए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू का पटियाला जेल ले आया गया है। अब उनका नया पता केंद्रीय सुधार गृह पटियाला होगा। उनको आम कैदी की तरह गाड़ी में जेल के अंदर ले जाया गया।

कैदी नंबर से जेल में होगी पहचान, स्‍टाइलिश कपड़ों के शौकीन सिद्धू को पहननी होगी जेल की पोशाक  

रंगीन व स्‍टाइलिश कपड़ों के शौकीन को सिद्धू को जेल की सफेद पोशाक पहननी होगी। जेल में तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनको कैदी नंबर मिलेगा और जेल में उनकी यही पहचान होगी। उनको जेल में काम भी करना होगा और आम कैदियों की तरह रहना होगा। उनको कोई वीआइपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा। 

जेल में उनको काैन सा काम अलाट किया जाता है यह देखना होगा। जेल में काम करने का प्रतिदिन 90 रुपये का मेहताना भी मिलता है, लेकिन नए कैदी के लिए एक से तीन माह की ट्रेनिंग अवधि होती है और इस अवधि के लिए मजदूरी नहीं दी जाती है। 

पटियाला कोर्ट में सरेंंडर के बाद सिद्धू काे आम कैदी की तरह जेल के अंदर ले जाया गया   

इससे पहले  सिद्धू ने पटियाला में सरेंडर किया है। इसके बाद उनको मेडिकल कराने के लिए माता कौशल्‍या अस्‍पताल ले जाया गया। वहां उनका मेडिकल पूरा होने के बाद उनको पटियाला जेल ले जाया गया। इससे पहले कोर्ट में सरेंडर करने के बाद कानूनी प्रक्रिया हुई।

इसके बाद उनको मेडिकल कराने के लिए पंजाब पुलिस की बस में माता कौशल्‍या अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उनको पटियाला जेल ले जाया गया। कोर्ट परिसर में नवजोत सिंह सिद्धू के चेहरे पर चिंता की लकीरें भी दिखीं। इस दौरान उन्‍होंंने मीडिया से कोई बात नहीं की। 

पटियाला के कौशल्‍या अस्‍पताल में मेडिकल किया जा रहा है, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

नवजोत सिंह सिद्धू का कौशल्‍या अस्‍पताल में मेडिकल हो गया है और अब उनको पटियाला जेल ले जाया जा रहा है। जेल के बाहर सिद्धू समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। बताया जाता है कि नवजोत सिंह सिद्धू का सामान पटियाला जेल पहुंंच गया है और वह थोड़ी ही देर में जेल पहुंच जाएंंगे। पटियाला जेल के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

सिद्धू का कड़ी सुरक्षा में कौशल्‍या अस्‍पताल के इंमरजेंसी वार्ड में मेडिकल कराया गया।  सिद्धू के करीबियों का कहना है कि सिद्धू को लीवर की तकलीफ है और उनके पैर में भी दिक्‍कत है। उनको गेहूं से एलर्जी (व्‍हीट एलर्जी) है। वह गेहूं से बनी रोटी या व्‍यंजन नहीं खा सकते हैं। बता दें कि पटियाला जेल  में नवजोत सिद्धू के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बिक्रम सिंह मजीठिया भी मौजूद हैं।   

पटियाला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू। (जागरण)

मेडिकल कराए जाने के बाद सिद्धू को पटियाला जेल ले जाया जाएगा 

नवजोत सिंह सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर डल्‍ला ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू ने चीफ ज्‍यूडिशियल मजिस्‍ट्रेट की कोर्ट में आत्‍मसमर्पण किया है। सिद्धू को जेल में काेई वीआइपी ट्रीटमेंट नहीं चाहिए। बस उनकी सेहत और एक खिलाड़ी होने के नाते स्‍वास्‍थ्‍य व खुराक का ध्‍यान रखा जाए।  सिद्धू का उनकी 'जितेगा पंजाब टीम' पूरे एक साल तक इंतजार करेगा।  

वह इससे पहले वह अपनी गाड़ी में कोर्ट के लिए निकले। उनके साथ उनकी लैंड क्रूजर गाड़ी में हरदयाल कंबोज अश्विनी सेखड़ी जहां मौजूद थे। वहीं नवतेज चीमा गाड़ी चला रहे थे। सिद्धू अपने साथ एक बैग भी ले गए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने नीले रंग का कुर्ता व पायजामा पहन रखा है। 

नवजोत सिद्धू चीफ ज्‍यूडिशियल मजिस्ट्रेट अमित मल्हन की कोर्ट में पेश होने के लिए कोर्ट रूम के अंदर गए। इस दौरान कोर्ट रूम के बाहर नवजोत सिद्धू की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारियों के अलावा और अतिरिक्त सिक्योरिटी को लगाया गया। सिद्धू का पटियाला कोर्ट में सरेंडर करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के बाद मेडिकल कराया जाएगा। इससे पहले सिद्धू से मिलकर लौटे पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी ने कहा कि लोकल कोर्ट के पास रजिस्ट्री न पहुंचने के कारण सिद्धू सरेंडर के लिए पहले कोर्ट नहीं पहुंचे ।

कोर्ट में सरेंडर करने घर से जाते हुए नवजाेत सिंह सिद्धू। (एएनआइ) 

सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

दूसरी ओर, सिद्धू ने सरेंडर करने के लिए कुछ हफ्ते का समय मांगा है। उन्‍होंने खराब सेहत का हवाला दिया है।  सुप्रीम कोर्ट से अब तक उनको राहत नहीं मिली। शुक्रवार को सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और स्वास्थ्य कारणों से आत्मसमर्पण करने के लिए कुछ सप्ताह का समय मांगा।

सिद्धू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और साथ ही यह भी कहा कि वह जल्द आत्मसमर्पण कर देंगे। अदालत की पीठ ने सिंघवी से कहा कि इस मामले में फैसला एक विशेष पीठ ने पारित किया है। इसलिए मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से अनुरोध करें। सिंघवी ने कहा कि वह मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामले का उल्लेख करने का प्रयास करेंगे, लेकिन इसके बाद पटियाला में सिद्धू ने आत्मसमर्पण कर दिया।

यह है मामला

रोड रेज का मामला 27 दिसंबर, 1988 का है। नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला में कार से जाते हुए गुरनाम सिंह नाम के एक बुजुर्ग से भिड़ गए थे। गुस्से में नवजोत सिद्धू ने उन्हें मुक्का मार दिया, जिसके बाद गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी। पटियाला पुलिस ने सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था।

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कब क्या हुआ

-1999 में निचली अदालत ने नवजोत सिंह सिद्धू को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। पीडि़त पक्ष पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया।

-2006 में हाई कोर्ट ने सिद्धू को तीन साल और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। फैसले को सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

-16 मई, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को गैर इरादतन हत्या के आरोप में लगी धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) से बरी कर दिया। धारा 323 यानी चोट पहुंचाने के मामले में सिद्धू को दोषी ठहराया गया। उन्हें सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए छोड़ दिया गया।

-जून, 2018 में इस फैसले को चुनौती देते हुए पीडि़त परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी।

-19 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ले अपना पुराना फैसला बदलते हुए सिद्धू को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

-20 मई, 2022 को आत्मसमर्पण के बाद सिद्धू को पटियाला सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

प्रियंका गांधी के सिद्धू को फोन करने की खबर

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नवजोत सिंह सिद्धू को फोन कियाऔर उनसे कहा कि कांग्रेस आपके साथ है। आप मजबूत रहिए। 

पटियाला में नवजोत सिंह सिद्धू के घर के बाहर मीडिया से बात करते पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी। (जागरण)

सिद्धू से मिले पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी 

इस बीच पटियाला के पूर्व सांसद डा. धर्मवीर गांधी नवजोत सिंह सिद्धू से मिलने उनके घर पर पहुंचे। डा.  गांधी ने कहा कि एक साल की सजा के दौरान सिद्धू को आत्म चिंतन करने और पंजाब के मुद्दे उठाने कि अपनी शख्सियत को और निखारने का समय मिलेगा। 

इससे पहले पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू  के वकील एडवोकेट एचपीएस वर्मा ने कहा कि सिद्धू दिन के दो बजे पटियाला की अदालत में सरेंडर करेंगे। सुबह बताया गया था कि सिद्धू सुबह 10 बजे कोर्ट में सरेंडर करेंगे।

सिद्धू दाखिल कर सकते हैं क्‍यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर सकते हैं

यह भी बताया जा रहा है कि सिद्धू क्‍यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेंगे। सिद्धू के वकील सुबह से पटियाला से लेकर चंडीगढ़ तक राहत के लिए कानूनी राह निकालने में जुटे रहे। उधर, सिद्धू के घर के बाहर से लेकर पटियाला कोर्ट परिसर के बाहर उनके समर्थक जुट गए। सिद्धू समर्थक कई कांग्रेस नेता उनके घर पर पहुंचे।   

नशे के दोष में नहीं जा रहे सिद्धू जेल : नवतेज चीमा

सिद्धू के घर पहुंंचे कांग्रेस नेता नवतेज चीमा ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू किसी नशे के दोष में जेल नहीं जा रहे हैं। इस लिए इस मामले को राजनीतिक न बनाया जाए। सुप्रीमकोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू को जो सजा सुनाई है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो सजा सुनाई है उसको तो मानना ही होगा। 

सुबह से ही नवजोत सिंह सिद्धू के घर पर मीडिया का जमावड़ा रहा, वहीं उनके समर्थक एवं पूर्व विधायक भी पहुंचे, लेकिन अब तक न तो या प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग नहीं आए।  सुबह से ही नवजोत सिंह सिद्धू के घर पर नवतेज चीमा, राजपुरा से पूर्व विधायक हरदयाल कंबोज, समाना से पूर्व विधायक काका राजिंदर सिंह, अश्विनी सेखड़ी एवं जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला के प्रधान नरिंदरपाल लाली मौजूद रहे।  

इससे पहले बताया जा रहा था कि पटियाला जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान नरिंदर पाल लाली ने पार्टी कार्यकर्ताओं को साढ़े नौ बजे कोर्ट कांप्लेक्स पहुंचने के लिए कहा। सिद्धू के दस बजे कोर्ट पहुंचने की संभावना थी। सुबह से सिद्धू के पटियाला स्थित घर पर सन्‍नाटा था। बाद में  पटियाला जिला कांग्रेस के प्रधान नरिंदरपाल लाली और सिद्धू के वकील पहुंचे।

मीडिया कर्मियों से बात करते नवजोत सिंह सिद्धू के वकील।(जागरण)

बता दें  सुप्रीम कोर्ट ने 34 साल पहले सड़क पर विवाद के दौरान गुरनाम सिंह नामक बुजुर्ग की मौत के मामले में  नवजोत सिंह सिद्धू को कैद की सजा सुनाई है। इससे पहले इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर छाेड़ दिया था। बताया जाता है कि वह सुबह से अपने वकीलों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। 

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पीडि़त परिवार बोला, हम भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं

सिद्धू से विवाद के दौरान जान गंवाने वाले गुरनाम सिंह के परिवार ने सिद्धू को सजा सुनाए जाने पर ईश्वर का धन्यवाद किया। उनकी बहू परवीन कौर ने कहा, 'हम बाबा जी का धन्यवाद करते हैं। हमने इसे बाबा जी पर छोड़ दिया था। बाबा जी ने जो कुछ भी किया है वह सही है।'

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उनका परिवार पटियाला शहर से पांच किलोमीटर दूर घलोरी गांव में रहता है। गुरनाम सिंह के पोते सब्बी सिंह ने केवल इतना ही कहा, 'हम भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं।' परिवार के एक अन्य सदस्य नरदविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने इंसाफ पाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। अब वह इस फैसले से संतुष्ट हैं।

Edited By: Sunil Kumar Jha