चंडीगढ़ में 80% दिव्यांग नरेंद्र शास्त्री बने स्कूल के प्रिंसिपल, भाइयों की पीठ पर बैठकर की थी पढ़ाई
प्रिंसिपल नरेंद्र शास्त्री ने एक वर्ष की उम्र में पोलियो से 80% दिव्यांग होने के बावजूद चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल ...और पढ़ें
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80 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लेक्चरर नरेंद्र शास्त्री बने रायपुर कलां स्कूल के प्रिंसिपल।
HighLights
नरेंद्र शास्त्री ने 80% दिव्यांगता के बावजूद प्रिंसिपल पद संभाला
भाइयों और सहयोगियों के समर्थन से शिक्षा पूरी की
मेहनत और आत्मविश्वास से दो राज्य स्तरीय पुरस्कार जीते
सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। इंपोसिबल को तोड़ो तो वह खुद कहता है आई एम पॉसिबल। डर के आगे जीत होती है। इसी को साबित कर दिखाया है प्रिंसिपल नरेंद्र शास्त्री ने। प्रिंसिपल नरेंद्र शास्त्री ने 28 सितंबर को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुर कला में पदभार ग्रहण किया।
नरेंद्र पंचकुला के जटोली गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में पंचकुला के सेक्टर 27 में रहते है। एक वर्ष की उम्र में पोलियो के शिकार हो गए थे जिसके बाद वह 80 प्रतिशत दिव्यांग है।
नरेंद्र शास्त्री ने 1994 में एडहॉक पर चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ज्वाइन किया और वर्ष 2000 में नियमित हो गए। 26 वर्ष नियमित सेवा देने के दौरान टीजीटी से पीजीटी और अब प्रिंसिपल बने है।
'भाइयों ने उठा उठाकर करवाई पढ़ाई, इसलिए पीछे मुड़ना संभव नहीं'
नरेंद्र बताते है कि बचपन से मुझे मेरे भाइयों का बहुत सहयोग मिला है। गांव के स्कूल में पढ़ाई करवाने के लिए वह मुझे पीठ पर उठाकर लाते थे। 10वी की पढ़ाई पंचकूला में करने के बाद मैंने अंबाला में हॉस्टल में रहकर शास्त्री की और उसके बाद शास्त्री बीएड चंडीगढ़ सेक्टर 20 से पूरी की।

मेरी ज्वाइनिंग टीजीटी शास्त्री की थी लेकिन उस पढ़ाई के साथ प्रमोशन नहीं मिलनी थी इसलिए मैंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए और उसके बाद बीएड भी की। नरेंद्र बताते है कि आगे बढ़ने के लिए हमेशा संघर्ष करना पड़ता है और जो संघर्ष करता है वही सफल होता है।
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मैंने संघर्ष किया तो मेरे परिवार के बाद सहयोगियों ने मेरा साथ दिया। करियर के किसी भी मुकाम पर उन्होंने मुझे अकेले नहीं होने दिया। आज ज्वाइनिंग के लिए भी मेरे सेक्टर 32 स्थित स्कूल के साथ विभिन्न स्कूल के टीचर्स ने स्पोर्ट किया। पहले भाई और अब सहयोगियों के स्पोर्ट से मैं वापस नहीं मुड़ सकता।
टीचर्स के साथ स्टूडेंट्स के लिए मोटिवेशन है नरेंद्र शास्त्री
रायपुर कलां स्कूल में ज्वाइन करवाने पहुंचे लेक्चरर संजय कुमार ने बताया कि नरेंद्र शास्त्री का आत्मविश्वास टीचर्स के साथ स्टूडेंट्स के लिए भी मोटिवेशन देने वाला है। नरेंद्र शास्त्री ने शहर के विभिन्न स्कूल में काम किया है और वर्ष 2018 में अपनी इच्छा से सेक्टर 31 के स्कूल का कार्यभार संभाला।
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इस समय भी वह सेक्टर के बजाए शहर की साइड में स्थित स्कूल में जाकर खुश है क्योंकि उनके अनुसार ऐसे स्कूल के स्टूडेंट्स को टीचर्स और प्रिंसिपल की ज्यादा जरूरत है। संजय ने बताया कि नरेंद्र शास्त्री अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से दो बार राज्य स्तरीय अवॉर्ड भी हासिल कर चुके है।
