जागरण संवाददाता, मोहाली : गाव मौली के पुल के नीचे बाबू राम का कत्ल करने के बाद फेंकी लाश के मामले में मोहाली पुलिस की कहानी कोर्ट में झूठी निकली। पुलिस ने दावा किया था कि मृतक का कत्ल उसके छोटे भाई ने दोस्त से मिलकर किया है। मोहाली के एडीशनल जिला सेशन जज आशुल बैरी की अदालत ने सरकारी पक्ष व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कत्ल के इस मामले में नामजद गुरमीत सिंह नोनू व मंदीप सिंह ऊर्फ लवली को सुबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया। मामले की जाच सीआइए स्टाफ मोहाली की टीम द्वारा की गई थी। पुलिस ने वारदात के दौरान इस्तेमाल किया गया मोटरसाइकिल, एटीएम कार्ड, 9 हजार रुपये व मृतक बाबू राम का मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया था। पुलिस की कहानी के अनुसार दोनों आरोपितों ने पूछताछ के दौरान बताया था कि गुरमीत सिंह व मंदीप सिंह ऊर्फ लवली आपस में दोस्त हैं। मंदीप सिंह ने कुछ दिन पहले अपने गाव की लड़की के साथ प्रेम विवाह करवाया था, जिस कारण उसको घर से खर्चा मिलना बंद हो गया था। उधर, गुरमीत सिंह, जोकि मृतक बाबू राम का छोटा भाई है, ने पुलिस को बताया कि बाबू राम न तो खुद शादी करवा रहा था और न ही उसकी शादी होने देता था और बाबू राम घर में हमेशा क्लेश डालकर रखता था। आरोपितों ने बाबू राम का कत्ल करके उसके अकाउंट से एटीएम के जरिए पैसे निकलवा कर बाट लेने की योजना बनाई थी। पुलिस के अुनसार 10 अगस्त 2017 को जब बाबू राम ड्यूटी करने उपरात शाम के समय घर आकर सो गया, तो दोनों ने तेजधार हथियार के साथ बाबू का कत्ल करने के बाद लाश को पॉलीथिन में डालकर मौली गाव के गंदे नाले की पुली के नीचे फेंक दिया और बाबू राम के एटीएम कार्ड से दस हजार रुपये निकालकर पाच-पाच हजार बाट लिए थे।

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