जासं, चंडीगढ़ : कोरोना संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी मुकेश कुमार और पूनम को आगामी टूर्नामेंट के लिए वीजा नहीं मिला है। मुकेश और पूनम कोविड-19 के कारण पैरालंपिक विश्व टूर्नामेंट और चेक पैरा ओपन 2021 ओस्ट्रावा के लिए नहीं जा सकेंगे। कोरोना संक्रमण की वजह से भारत रेड जोन में आ गया है। इस वजह से इन खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के लिए वीजा नहीं मिल सका। वहीं दूसरी ओर दूतावास बंद और भारत में कोरोना वायरस की बदतर स्थिति के कारण वे खिलाड़ियों को वीजा नहीं दे रहे हैं। मुकेश और पूनम अपने खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी उनमें सभी परिस्थितियों में सकारात्मक रहने की भावना है और कोरोना जैसी सबसे खराब परिस्थितियों से लड़ने का साहस है। मुकेश और पूनम समाज के लिए सबसे बड़ी मिसाल हैं कि विकलांग होते हुए भी उनमें खेलने का जज्बा है। मुकेश को मिल चुके हैं कई अवॉर्ड

- पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम द्वारा देश का सबसे बड़ा बहादुरी का जीवन रक्षा पदक।

-पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी द्वारा नेशनल अवॉर्ड।

-हरियाणा सरकार की तरफ से स्टेट अवॉर्ड।

-हरियाणा सरकार की तरफ से पर्यावरणरक्षक अवॉर्ड।

-हरियाणा सरकार की तरफ से गॉडफैरी फिलिपींस बहादुरी अवॉर्ड।

-हरियाणा सरकार की तरफ विवेकानंद अवॉर्ड। पूनम इंटरनेशनल स्तर पर जीत चुकी हैं सात मेडल

पीयू में एलएलएम की पढ़ाई कर रही पूनम ने बताया कि उन्होंने साल 2009 में शादी के बाद मुकेश के साथ टेबल टेनिस खेलना शुरू किया था। पोलियो होने की वजह से मुझे शुरूआत में दिक्कत महसूस हुई, लेकिन कुछ दिनों की मेहनत के बाद मुझे इस खेल में मजा आने लगा। मैंने अब तक इंटरनेशनल स्तर पर 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रांज मेडल जीते हैं। वहीं राष्ट्रीय स्तर मैंने 8 गोल्ड, 14 सिल्वर और 5 ब्रांज मेडल जीते हैं।

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