3.81 करोड़ लेने के बाद भी सेल एग्रीमेंट नहीं, प्रमोटर को देना होगा ब्याज; मोहाली में सुषमा एम्पीरिया से जुड़ा है मामला
रेरा पंजाब ने सुषमा एम्पीरिया को 3.81 करोड़ लेने के बावजूद सेल एग्रीमेंट न करने पर मृत आवंटी के वारिसों ...और पढ़ें

रेरा का फैसला- वैध कब्जा सौंपने तक देरी का ब्याज चुकाना होगा।
HighLights
रेरा ने सेल एग्रीमेंट का आदेश दिया।
12% सालाना ब्याज भी चुकाना होगा।
कारपेट एरिया में कमी की भी जांच होगी।
जागरण संवाददाता, मोहाली। सुषमा एम्पीरिया प्रोजेक्ट में 3.81 करोड़ रुपये लेने के बावजूद कमर्शियल यूनिट का सेल एग्रीमेंट नहीं करने पर रेरा पंजाब ने प्रमोटर को मृत आवंटी के कानूनी वारिसों के पक्ष में एग्रीमेंट करने और यूनिट का हस्तांतरण पूरा करने का आदेश दिया है।
प्राधिकरण ने तय अवधि के लिए 12 प्रतिशत सालाना दर से एश्योर्ड रिटर्न देने और इसके बाद वास्तविक व वैध कब्जा सौंपने तक देरी का ब्याज चुकाने को कहा है। कारपेट एरिया में कथित कमी की जांच के लिए दस्तावेज पेश करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
रेरा सदस्य अरुणवीर वशिष्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। शिकायत मेजर जनरल शमशेर सिंह चौहान के निधन के बाद उनके कानूनी वारिसों ने दायर की थी।
प्राधिकरण के अनुसार, सेल एग्रीमेंट किए बिना बिक्री मूल्य का 10 प्रतिशत से अधिक स्वीकार करना रियल एस्टेट कानून की धारा 13 का उल्लंघन है। मामले में धारा 13(1) और धारा 61 के तहत अलग कार्यवाही शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।
शिकायत के मुताबिक, चौहान ने 29 जनवरी 2020 को कंप्लीट बिजनेस यूनिट नंबर-12 बुक कराई और 3.81 करोड़ रुपये की बेसिक सेल प्राइस चुकाई। लिखित और पंजीकृत सेल एग्रीमेंट नहीं हुआ। 22 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया। वारिसों ने यूनिट अपने नाम कराने के दस्तावेज दिए, लेकिन हस्तांतरण पूरा नहीं हुआ।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, बुकिंग के समय कारपेट एरिया 5040 वर्ग फुट बताया गया था, जबकि बाद के विवरण में करीब 817 वर्ग फुट की कमी दिखी। उन्होंने लगभग 69.23 लाख रुपये अतिरिक्त वसूलने का आरोप लगाया।
रेरा ने प्रमोटर से स्वीकृत नक्शा और काॅरपेट एरिया का प्रमाणित विवरण 30 दिन में मांगा है। अतिरिक्त वसूली की पुष्टि पर रकम नियमानुसार ब्याज सहित लौटानी होगी। आदेश मिलने के 60 दिन में निर्देशों का पालन करना होगा। भुगतान न होने पर शिकायतकर्ता कानूनी प्रक्रिया से वसूली कर सकेंगे।
