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भारत-वेस्टइंडीज के मैच से पहले सट्टा गिरोह का पर्दाफाश; मोहाली के खरड़ से चल रहा था नेटवर्क, छह गिरफ्तार

Published: Thu, 01 Oct 2026 07:10 PM (IST)

मोहाली पुलिस ने भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले एक बड़े क्रिकेट सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है। खरड़ के अमन ग्रीन ...और पढ़ें

सट्टेबाजों से बरामद सामान की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

सट्टेबाजों से बरामद सामान की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

HighLights

  1. मोहाली के खरड़ स्थित एक फ्लैट में जमाया था डेरा।

  2. लाखों का सामान, नकदी और पिस्तौल बरामद की गई।

  3. नेटवर्क का पता लगाने के लिए आरोपितों से पूछताछ जारी।

जागरण संवाददाता, मोहाली। तीन अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ के क्रिकेट मैदान पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे मैच खेला जाएगा। इसी बीच मोहाली पुलिस ने सट्टेबाजों के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है।

सट्टेबाजों ने खरड़ स्थित अमन ग्रीन सिटी हार्ट सोसायटी के फ्लैट नंबर 52 में पूरा तामझाम जमाया हुआ था और यही से पूरा नेटवर्क चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्राॅनिक सामान, बड़ी संख्या में सिम और एटीएम कार्ड, नकदी, दस्तावेज, शराब, वाहन और हथियार बरामद किया है।

खरड़ सिटी थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अमरिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि  जुआ अधिनियम, एक्साइज एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपितों से पूछताछ जारी है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सट्टेबाजी का नेटवर्क किन-किन जगहों तक फैला हुआ है और इसमें और कौन लोग शामिल हैं। आरोपितों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।

24 मोबाइल समेत पूरी बरामदगी

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 24 मोबाइल फोन, एक आईपैड, चार लैपटाॅप, जिनमें दो मैकबुक और दो विंडोज लैपटाप हैं, दो टैब, 40 सिम कार्ड, 18 एटीएम कार्ड, चार स्टांप, सात पेटीएम पीओएस मशीन, चार प्रेस कार्ड, चार कैलकुलेटर, 1.07 लाख रुपये नकद, आठ बोतल व्हिस्की और एक फाॅर्च्यूनर कार बरामद की है।

पिस्टल, मैग्जीन और कारतूस भी मिले


इसके अलावा पुलिस को .45 बोर की एक लाइसेंसी पिस्टल, एक मैग्जीन और 14 कारतूस भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक हथियार लाइसेंसी है। अब यह जांच की जा रही है कि हथियार किसके नाम पर लाइसेंसी हैं और उसे फ्लैट में रखने का क्या कारण था।

फ्लैट से चार प्रेस कार्ड और चार स्टांप मिलने के बाद पुलिस इनके इस्तेमाल की भी जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी पहचान के लिए किया जा रहा था। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।