संस, कुराली : संगरूर के गांव भगवानपुरा में बीते दिनों खुले बोरवैल में गिरने से दो वर्षीय बच्चे की मौत के बाद गांवों में वर्षो से खुले पड़े कुओं के कारण हादसों के खतरे को लेकर चिंता जताई जाने लगी है। सरकार की ओर से कोई ठोस पॉलिसी न बनाए जाने के कारण गांवों में ऐसे कुएं खुले पड़े हैं। लेकिन अब गांव खिजराबाद ऊपरी पट्टी की पंचायत ने इस मामले में बचाव के उपाय की पहल की है। पंचायत ने गांववासियों से अपने स्तर पर ही कुओं को कवर करवाने की अपील की है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह की ओर से राज्य भर में खुले पड़े बोरवैल को ढकते हुए उसे सील करने के आदेश जारी किए थे और इन आदेशों पर अमल करते हुए पंजाब के विभिन्न स्थानों पर कई खुले बोरवैल सील करने की कार्रवाई भी अमल में लाई गई। मगर विभिन्न गांवों में खुले पड़े दशकों पुराने कुओं को लेकर सरकार की तरफ से कोई ठोस पॉलिसी नहीं बनाई जा सकी है। जबकि ऐसे कुएं भी हादसे का सबब हो सकते हैं।

कुराली के निकटवर्ती गांव सिबल के सरकारी प्राइमरी स्कूल की बाउंड्री वॉल के साथ गांव निहोलका से रामपुर टप्परियां को जाते मार्ग सहित ब्लॉक माजरी के गांव खिजराबाद समेत अन्य इलाकों में दशकों पुराने कुएं मौजूद हैं।

गांव खिजराबाद वासी राणा कुशलपाल का कहना है कि गांव खिजराबाद ऊपरी पट्टी की पंचायत ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत ने गांववासियों से अपने खेतों या घरों के आसपास खुले पड़े कुओं को जल्द से जल्द ढकने के उपाय करने की अपील की है।

बीडीपीओ (ब्लॉक माजरी) हितेन कपिला का कहना था कि खुले पड़े बोरवैल को बंद करवा दिया गया है। विभिन्न गांवों में खुले कुओं की पहचान कर उनको कवर करवाने के लिए जल्द ही प्रयास शुरू किए जाएंगे।

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Posted By: Jagran

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