जागरण संवाददाता, मोहाली। किसान रोड संघर्ष कमेटी ने नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहीत जमीन की मार्केट रेट से कई गुना कम कीमत मिलने के विरोध में वीरवार को डीसी दफ्तर पर धरना दिया। इसमें प्रदेश भर के किसान शामिल हुए। मांगों को लेकर किसानों ने डीसी से मुलाकात की। डीसी गिरीश दयालन ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पंजाब सरकार तक पहुंचाया जाएगा। जिन गांवों के आवार्ड हो चुके हैं, उन पर फिर से विचार किया जाएगा। कमेटी के जिला को-ओर्डीनेटर गुरदयाल सिंह बुट्टर ने कहा कि प्रशासन ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर बैठे किसानों की तर्ज पर पक्का धरना लगा दिया जाएगा। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब संघर्ष जारी रहेगा।

कमेटी के जिला को-आर्डिनेटर गुरदयाल सिंह बुट्टर, जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह गिल, डेराबस्सी प्रधान बलजिंदर सिंह शेखपुरा ने कहा कि नेशनल हाईवे अथारिटी कौड़ियों के भाव उनकी जमीन लेना चाहता है, जो सेक्शन-26 तहत मार्केट रेट से कई गुणा कम है। जमीन की पूरी कीमत के अलावा पानी की निकासी, पेड़, कमरे, ट्यूबवेल की पूरी अदायगी व अन्य मांगें पूरी न हुईं तो किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पहले सुनाए अवार्ड को रद करके सेक्शन 28 के तहत आवार्ड करवाने के लिए कहा जा रहा है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर हो जाएंगे।

मोहाली में डीसी गिरीश दयालन को मांग पत्र सौंपते हुए किसान। 

कई महीने से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं किसान

बता दें कि किसान पिछले कई महीनों से जमीन के उचित मुआवजे की मांग कर रहे है। इसको लेकर किसानों के समर्थन में कई राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों व विधायकों की ओर से भी डीसी मोहाली गिरीश दयालन को मांग पत्र सौंप किसानों की बात केंद्र व सरकार तक पहुंचाने का अनुरोध कर चुके हैं। 

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Edited By: Pankaj Dwivedi