ई-मेल से मिली बम की धमकी, छावनी में तब्दील हुईं मोहाली की अदालतें; आम जनता की एंट्री बैन
मोहाली जिले के न्यायिक परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई है।

छावनी में तब्दील हुईं मोहाली की अदालतें (File Photo)
HighLights
मोहाली न्यायिक परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली
सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाई गई, जनता का प्रवेश प्रतिबंधित
केवल मुकदमों से संबंधित पक्षकारों को ही अनुमति
जागरण संवाददाता, मोहाली। न्यायिक अदालत परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मोहाली जिले के न्यायिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहाली द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 05 जून 2026 तक न्यायिक अदालत परिसरों में आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 01 जून को सेशन डिवीजन की आधिकारिक ई मेल आईडी पर एक धमकी भरा ई मेल प्राप्त हुआ था। ई मेल में 03 जून से 05 जून के बीच न्यायिक अदालत परिसर में बम विस्फोट की धमकी दी गई थी। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एहतियाती कदम उठाते हुए मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी स्थित अदालत परिसरों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

आम जनता की आवाजाही सीमित
आदेशों के मुताबिक अदालत परिसरों में केवल मुकदमों से संबंधित पक्षकारों (लिटिगेंट्स) और आरोपितों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। आम जनता की आवाजाही सीमित कर दी गई है। साथ ही सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी और जांच के बाद ही उसे परिसर में प्रवेश दिया जाए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे न्यायिक परिसर की तलाशी लेकर उसे पूरी तरह सुरक्षित और सैनिटाइज घोषित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी व्यक्ति को अदालत परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अदालतों का नियमित कामकाज भी पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू होगा।
कर्मचारियों को सतर्क रहने के आदेश
इसके अलावा सेशन डिवीजन में तैनात सभी न्यायिक अधिकारियों को भी अपने कार्यालयों, पीएसओ और नायब कोर्ट कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश देने को कहा गया है। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी तत्काल सूचना जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय को देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
