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17.16 लाख जमा, फिर भी वर्षों तक नहीं दिया प्लाॅट; मोहाली उपभोक्ता फोरम का कंपनियों को झटका

Published: Thu, 01 Oct 2026 07:07 PM (GMT+05:30)

मोहाली उपभोक्ता फोरम ने सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर और मनोहर सिंह एंड कंपनी को औद्योगिक प्लाॅट का कब्जा न देने पर झटका ...और पढ़ें

मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम ने प्लॉट खरीदार के पक्ष के सुनाया फैसला।

मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम ने प्लॉट खरीदार के पक्ष के सुनाया फैसला।

HighLights

  1. 400 गज के औद्योगिक प्लाॅट का कब्जा देने के दिए निर्देश।

  2. नौ प्रतिशत ब्याज समेत 50 हजार मुआवजा देने का आदेश।

  3. शिकायतकर्ता पश्चिम बंगाल का रहने वाला आईटी विशेषज्ञ।

जागरण संवाददाता, मोहाली। औद्योगिक प्लाॅट के लिए 17.16 लाख रुपये जमा करने के बावजूद वर्षों तक कब्जा न मिलने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और मनोहर सिंह एंड कंपनी को झटका दिया है।

फोरम ने दोनों कंपनियों को 400 वर्ग गज के औद्योगिक प्लाॅट का कब्जा और आक्यूपेशन सर्टिफिकेट देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कंपनियों को जमा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 50 हजार रुपये का भुगतान भी करना होगा।

शिकायतकर्ता प्रणव पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और आईटी विशेषज्ञ है। उन्होंने मोहाली में औद्योगिक प्लाॅट के लिए आवेदन किया था। रिकाॅर्ड के अनुसार, सेक्टर-66ए येलोस्टोन लैंडमार्क इंफोसिटी में 400 वर्ग गज का प्लाॅट 26.40 लाख रुपये की कुल कीमत पर आवंटित किया गया था।

उन्होंने विभिन्न समय पर प्लाॅट की कीमत के रूप में कुल 17.16 लाख रुपये जमा किए, लेकिन उन्हें प्लाॅट का कब्जा नहीं मिला। कंपनी की ओर से 15 मार्च 2014 को जारी पत्र में अप्रैल 2015 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह समय सीमा भी निकल गई।

प्रणव सिंह ने कई बार कंपनियों से संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अंततः उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान दोनों विपक्षी पक्ष फोरम के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और उन्हें 6 अक्टूबर 2025 को एक्स-पार्टी कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने अपने पक्ष में हलफनामा और संबंधित दस्तावेज पेश किए।

दो महीने में कब्जा और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट देना होगा

फोरम ने उपलब्ध रिकार्ड और साक्ष्यों के आधार पर शिकायत को आंशिक रूप से मंजूर किया। आदेश में कहा गया है कि दोनों कंपनियों को प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के दो महीने के भीतर 400 वर्ग गज प्लाॅट का वास्तविक कब्जा और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट देना होगा।

यदि आवंटन के अनुसार कोई बकाया राशि बनती है, तो उसे प्राप्त करने के बाद कब्जा देना होगा। इसके अलावा, 17.16 लाख रुपये की जमा राशि पर 1 मई 2015 से कब्जा सौंपे जाने की वास्तविक तारीख तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।

मानसिक परेशानी, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 50 हजार रुपये की एकमुश्त राशि भी देनी होगी। फोरम ने दोनों कंपनियों को आदेश के पालन के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया है।