'UPI के वादे से मुकर रही मोदी सरकार, व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ'; प्रताप बाजवा का ने साधा निशाना
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% एमडीआर लगाने के केंद्र के फैसले की आलोचना की है।
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पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा। फाइल फोटो
HighLights
प्रताप बाजवा ने 2,000 रुपये से अधिक यूपीआई एमडीआर पर केंद्र को घेरा।
15 अक्टूबर से लागू होगा 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट का फैसला।
छोटे कारोबारियों और आम लोगों पर बढ़ेगा अतिरिक्त वित्तीय बोझ।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने 2,000 रुपये से अधिक के निर्दिष्ट यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाला यह निर्णय यूपीआई के शून्य-एमडीआर मॉडल से पीछे हटने जैसा है।
बाजवा ने कहा कि सरकार ने आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग को नकद रहित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन अब उसी डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर शुल्क लगाया जा रहा है।
कारोबार पर पड़ेगा असर
उन्होंने कहा कि कम मुनाफे पर काम करने वाले छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर इसका अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही व्यापारियों से यह शुल्क सीधे उपभोक्ताओं से वसूलने पर रोक हो, लेकिन बढ़ी हुई लेनदेन लागत का असर कारोबार पर पड़ सकता है।
बाजवा ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भारत के यूपीआई और रुपे के शून्य-एमडीआर ढांचे पर विदेशी भुगतान सेवा प्रदाताओं की ओर से आपत्ति जताई गई थी।
बाजवा ने केंद्र से एमडीआर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और डिजिटल भुगतान को छोटे कारोबारियों व आम लोगों के लिए किफायती बनाए रखने की मांग की।
