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बॉस हो तो MK Bhatia जैसा! कर्मचारियों को दीवाली गिफ्ट में देंगे महंगी कारें; गुजरात के हीरा कारोबारी की तरह चर्चा

Published: Sun, 25 Oct 2026 12:12 PM (IST)

चंडीगढ़ के कारोबारी एमके भाटिया अपने कर्मचारियों को दीवाली पर कारें उपहार में देने के लिए चर्चा में हैं। इस ...और पढ़ें

दीवाली पर कर्मचारियों को सिर्फ मिठाई और बोनस नहीं, गिफ्ट में कारें देंगे एमके भाटिया।  (एआई जनरेटेड फोटो)

दीवाली पर कर्मचारियों को सिर्फ मिठाई और बोनस नहीं, गिफ्ट में कारें देंगे एमके भाटिया। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. एमके भाटिया ग्रुप दीवाली पर कर्मचारियों को कारें देगा।

  2. लकी ड्रॉ से गार्ड से अधिकारी तक कार जीत सकेंगे।

  3. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को भी कारें मिलेंगी।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। दीवाली पर सिर्फ मिठाई और बोनस नहीं, गिफ्ट में कारें देने का जमाना आ गया है। गुजरात के मशहूर हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया की तरह चंडीगढ़ के फार्मा कारोबारी भी अपने इसी अंदाज की वजह से चर्चा में हैं।

पिछले कुछ वर्षों से दीवाली पर कारें गिफ्ट करने वाले एमके भाटिया ग्रुप ने इस बार नया प्रयोग किया है, जिसमें कार पाने का मौका केवल बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले गार्ड से लेकर अधिकारी तक को लकी ड्रॉ के जरिए कार जीतने का अवसर मिलेगा।

इस पहल के तहत ग्रुप की कंपनियों में कम से कम 18 महीने से काम कर रहे योग्य कर्मचारियों-अधिकारियों के नाम लकी ड्रॉ में शामिल किए जाएंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को कार देने की पुरानी परंपरा भी जारी रहेगी।

इस पहल का संदेश है कि कंपनी की तरक्की में हर कर्मचारी का योगदान मायने रखता है। जहां टॉप परफॉर्मर्स को उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा, वहीं लकी ड्रॉ अन्य योग्य कर्मचारियों को भी इस खास तोहफे का अवसर देगा।

एमके भाटिया की यह पहल दीवाली गिफ्टिंग को केवल इनाम देने से आगे बढ़ाकर कर्मचारी सम्मान और सहभागिता से जोड़ने की कोशिश के रूप में देखी जा सकती है।

कौन हैं एमके भाटिया?

एमके भाटिया मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाल हैं। मुजफ्फरनगर में मेडिकल स्टोर चलाते थे। 2002 में कारोबार में घाटा हुआ तो दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गए। तब करोड़ों रुपये का कर्ज था। 2015 में चंडीगढ़ आए और यहां दवा कंपनी की शुरुआत की। अब  MITS Healthcare Private Limited समेत उनकी 12 कंपनियां चल रही हैं।