जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मोहर लगी। कैबिनेट ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मेेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान के कामन काडर के विभाजन को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य दोनों विभागों के काडर के मामलों के कारण पैदा हुए विवादों को हल करना है। बता दें, पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग एक ही विभाग थे। बाद में मेडिकल शिक्षा और खोज तथा सेहत व परिवार भलाई विभाग अलग-अलग हो गए। इससेे कई बार वरिष्ठता को लेकर विवाद हो जाता है। इसके मद्देनजर काडर को बांटने की मंजूरी दे दी गई है।

पंजाब कैबिनेट ने प्रीजन एक्ट 1894 में संशोधन करने को भी मंजूरी दे दी है। इसके लिए संशोधन बिल बजट सत्र में लाया जाएगा। इस संशोधन से राज्य की जेलों में कैदियों द्वारा अंजाम दिए जाते दंगा-फ़साद, जेल से भागना और जेल अनुशासन और नियमों का उल्लंघन जैसे अपराधों के लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान होगा। इससे जेलों की सुरक्षा यकीनी बनाई जा सकेगी। 

सरदूल सिकंदर का 10 लाख का मेडिकल बिल सरकार चुकाएगी

मंत्रिमंडल ने प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायक सरदूल सिकंदर की असामयिक मौत पर दुख प्रकट किया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया कि सरदूल सिकंदर के अस्पताल के बनते 10 लाख रुपये के बकाया बिल का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी द्वारा मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया गया कि गायक के परिवार के पास अस्पताल का बकाया देने के लिए कोई पैसा नहीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इसका भुगतान करने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को भी यह यकीनी बनाने के आदेश दिए कि बकाया अदा न करने की स्थिति में सरदूल सिकंदर का पार्थिव शरीर परिवार को सौंपे जाने में निजी अस्पताल की तरफ से किसी तरह से परिवार को परेशान न किया जाए।

 

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