विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चंडीगढ़ में 1,99,596 मतदाता क्यों घटे? सांसद तिवारी ने मांगा वार्डवार ब्योरा, SIR पर उठाए सवाल

Published: Thu, 24 Sep 2026 03:15 PM (IST)

चंडीगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची से 1,99,596 मतदाताओं के नाम कम होने पर लोकसभा सांसद मनीष ...और पढ़ें

सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र।

सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र।

HighLights

  1. 1.99 लाख मतदाताओं की कमी पर मनीष तिवारी ने सवाल उठाए।

  2. सांसद ने सीईओ को पत्र लिखकर विस्तृत ब्योरा मांगा।

  3. मतदाता सूची से नाम हटाने के कारण स्पष्ट करने की मांग।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद 1,99,596 मतदाताओं की संख्या कम होना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रेरणा पुरी को पत्र लिखकर एसआईआर पर सवाल उठाए हैं। साथ हीवार्डवार और मतदातावार पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।

तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि एक जून 2024 से 22 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ की मतदाता सूची में 1,99,596 मतदाताओं की कमी आई है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम कम होने के बावजूद अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन मतदाताओं के नाम किस कारण से हटाए गए हैं।

तीन स्तर पर मांगी जानकारी

सांसद ने सीईओ से एक जून 2024 से अब तक हटाए गए अथवा अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए सभी मतदाताओं की वार्डवार पूरी जानकारी मांगी है। इसमें मतदाता का नाम, वार्ड और बूथ नंबर, ईपीआइसी नंबर, नाम हटाए जाने की तारीख और दर्ज कारण शामिल करने को कहा गया है।

इसके अलावा जिन मतदाताओं के नाम 'अन्यत्र नामांकित' बताकर हटाए गए हैं, उनके नए नामांकन स्थान की जानकारी भी मांगी गई है। तिवारी ने यह भी पूछा है कि जिन मतदाताओं के प्रगणन प्रपत्र (एन्यूमरेशन फार्म) प्राप्त नहीं हुए और उन्हें मसौदा सूची में शामिल नहीं किया गया, उनके संबंध में फील्ड सत्यापन के बाद क्या कारण दर्ज किए गए।

पहले भी मांगा था लंबित मामलों का ब्योरा

तिवारी ने पत्र में कहा है कि वह इससे पहले भी उन मतदाताओं का ब्यौरा मांग चुके हैं, जिनके मामले में सुनवाई लंबित थी। अब अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद उन्होंने पूरी प्रक्रिया से जुड़े आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है, ताकि मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

आयोग के फैसलों की वैधता पर भी उठाए सवाल

पत्र के साथ जारी बयान में तिवारी ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग के दो सदस्यों की ओर से असहमति दर्ज किए जाने के बाद आयोग के फैसलों की संवैधानिकता और मौलिक वैधता को लेकर प्रश्न उठे हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सीईओ कार्यालय जल्द मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे 2024 से अब तक मतदाता संख्या में आई बड़ी गिरावट के कारणों पर स्पष्टता हो सके।