मैं मिट्टी पंजाब दी...चंडीगढ़ में दिखी पंजाबी संस्कृति की झलक, पूरे देश को रूबरू कराना है मकसद
चंडीगढ़ में विश्व पंजाबी दिवस पर पंजाब कला भवन में 'मैं मिट्टी पंजाब दी' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें संगीत, कविता ...और पढ़ें
HighLights
विश्व पंजाबी दिवस पर चंडीगढ़ में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।
'मैं मिट्टी पंजाब दी' प्रस्तुति में संगीत, कविता, कहानी शामिल।
पंजाबी भाषा, इतिहास, संस्कृति को देशभर में पहुंचाने का लक्ष्य।
एकता श्रेष्ठ, चंडीगढ़। भाषा किसी भी समाज की पहचान होती है और संस्कृति उसकी जड़ों से जुड़ी कहानी कहती है। इन्हें सिर्फ विरासत के तौर पर संजोकर नहीं रखना बल्कि इसके साथ अगली पीढ़ी तक भी पहुंचाना जरूरी है।
इसी सोच के साथ विश्व पंजाबी दिवस के मौके पर सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में पंजाब की भाषा, इतिहास, संस्कृति और विरासत को समर्पित कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें अलग -अलग गतिविधियां हुई।
इस दौरान मैं मिट्टी पंजाब दी नाम से विशेष प्रस्तुति भी दी गई। जिसमें संगीत, कविता और स्टोरीटेलिंग के जरिए पंजाब की मिट्टी से जुड़ी कहानियों, भावनाओं और सांस्कृतिक रंगों को मंच पर उतारा गया। प्रयास है कि देशभर में इसे प्रस्तुत किया जाए।
यह आयोजन पंजाब कला परिषद और अपना पंजाब फाउंडेशन की ओर से करवाया हुआ। द पंजाब प्रोजेक्ट के तहत मैं मिट्टी पंजाब दी को डिजाइन व डायरेक्ट किया डा. निशा लूथरा ने।
इन्होंने बताया कि बाबा फरीद, बाबा बुल्ले शाह की कलाम से लेकर कवि शिव कुमार बटालवी व अन्य कवियों की रचनाओं को भी इसमें जोड़ा गया। अंदाज की बात करें तो इसमें मिट्टी सवाल करती है कि युवाओं से और जिक्र होता है हालात का।
इसके बाद म्यूजिक और पोएट्री का दौर भी बीच-बीच में शुरू होता है। मतलब इस प्रोजेक्ट के जरिए बात कही गई है पंजाब की, इसकी संस्कृति की। अभी इस प्रोजेक्ट के तहत दूसरी प्रस्तुति हुई है।
