जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। अब एक क्लिक पर शहर के 25 गांवों का लेखा-जोखा लोगों को उपलब्ध होगा। एस्टेट आफिस में मॉर्डन रिकॉर्ड रूम शुरू हो गया है। मॉर्डन रिकॉर्ड रूम में शहर के 25 गांवों का भू रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया गया है। गांवों का लैंड रिकॉर्ड ऑनलाइन देखने के लिए कियोस्क मशीन इंस्टाल की गई है। अब एक ही छत की नीचे लोगों को जमाबंदी, म्यूटेशन और रेवेन्यू रिकॉर्ड से जुड़ी हर जानकारी मिल सकेगी। रेवेन्यू रिकॉर्ड को सब रजिस्ट्रार आफिस के साथ लिंक किया गया है। ताकि जमीन की खरीद-फरोख्त में किसी भी प्रकार की कोई गलती या धाेखाधड़ी न हो सके।

30 साल बाद शहर के 25 गांवों का लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइज किया गया। वर्ष 2019 में ये प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया था। इस प्राेजेक्ट के तहत 15,785 एकड़ जमीन का लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइज किया गया। अब एक सेकंड के अंदर लोग शहर के किसी भी गांव की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकेंगे। जमीन किसके नाम पर है, खेत नंबर, खसरा नंबर, नकल से लेकर विवादित जमीन की जानकारी एक सेकेंड में पता चल जाएगा।

खरीद फरोख्त से पहले घर बैठे पता कर सकेंगे कहीं जमीन विवादित तो नहीं

सभी 25 गांवों का लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइज होने से 41 हजार लोगों को इसका फायदा होगा। चंडीगढ़ प्रशासन की आफिशियल वेबसाइट http://chandigarh.gov.in/ पर जाकर लोग इन 25 गांवाें का लैंड रिकॉर्ड देख सकते हैं। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि लैंड रिकॉर्ड को सब रजिस्ट्रार आफिस के साथ लिंक किया गया है। ताकि इन गांवों में आगे चलकर किसी भी जमीन की रजिस्ट्री होती है, उसका रिकॉर्ड तत्काल पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा। इससे विवादित जमीनों का भी पता लगेगा। इसके अलावा कोई भी शख्स जमीन खरीदने से पहले उस जमीन से जुड़ी हर जानकारी पोर्टल के माध्यम से ले सकता है।

इन गांवों की हुई जमाबंदी

दड़वा, हल्लोमाजरा, रायपुर खुर्द, बहलाना, सारंगपुर, खुड्डा अलिशेर, कैंबवाला, मलोया, कजहेड़ी, बडहेड़ी, खुड्डा लाहौरा, अटावा, शाहपुर, बुटरेला, बैरमाजरा,तातरपुर, पलसोरा, रायपुरकलां, मौलीजागरां, डड्डूमाजरा, खुड्डा जसू, धनास और बुड़ैल।

25 गांवों का लैंड रिकॉर्ड

जमाबंदी-25

खेवत-5,392

खसरा-30,544

मालिकाना हक-44,000

दो जमाबंदी बाकी-बुड़ैल और मनीमाजरा

Edited By: Ankesh Thakur