जेएनएन, चंडीगढ़। देह शिवा वर मोहे ईहे, शुभ कर्मन ते कबहुं ना टरूं।। न डरूं अरि जब चाहे लड़ूं, निश्चय कर अपनी जीत करूं..गुरु गोबिंद सिंह के इन्हीं शब्दों के साथ भाजपा प्रत्याशी किरण खेर ने दूसरी बार जीत दर्ज करने पर अपनी भावनाएं व्यक्त की। किरण खेर ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पार्टी की सीनियर लीडरशिप को दिया। सेक्टर-7 स्थित अपने निवास पर दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में उन्होंने पवन बंसल को तीखा जवाब देने के साथ ही सभी मुद्दों पर बेबाकी से जवाब दिया।

पेश हैं किरण खेर से बातचीत के प्रमुख अंश

सवाल: जीत के प्रति पहले से कितना आश्वस्त थीं, श्रेय किसको देना चाहेंगी?

जवाब: यह जीत चंडीगढ़ की जनता की जीत है। जो लोग कहते थे कि इस बार मोदी की लहर नहीं हैं, उन्हें अब पता चल गया होगा की मोदी लहर नहीं यह सुनामी थी। खेर ने कहा कि उन्हें 2014 की तरह इस बार भी कमजोर कैंडीडेट आंका गया। कहा गया कि वह नहीं जीत रही हैं, लेकिन जनता ने ऐसा कहने वालों को जवाब दे दिया है। चुनाव में मोदी के साथ उनके खुद के नाम पर भी वोट पड़े। वह जनता का इसके लिए आभार जताती हैं । उन्होंने चंडीगढ़ भाजपा की लीडरशिप के साथ बूथ को मजबूत करने पर सहदेव सलारिया का विशेष तौर पर आभार जताया।

सवाल: कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल के बारे में क्या कहना चाहेंगी ?

जवाब: उनको तो जनता ने ही जवाब दे दिया है। पवन बंसल कई जगह बोलते थे कि किरण खेर शहर में रहती नहीं हैं। उन्हें तो यहां कॉलोनियों और गांव के नाम तक नहीं पता। अब बंसल देख लें, वह जनता के बीच रहती थीं यह उसी का जवाब है। बंसल सदा झूठ बोलते रहे। जबकि झूठ से वोट नहीं मिलते काम से मिलते हैं।

सवाल: जीत का अंतर घटा है, इसमें पार्टी के ही नेताओं की साजिश तो नहीं?

जवाब: जीत तो जीत होती है फिर चाहे एक वोट से ही क्यों न हो। पिछली बार 70 हजार वोट से जीतीं थी। इस बार भी अंतर काफी बड़ा है। रही बात अंतर घटने की वह इसका विश्लेषण करेंगी । पार्टी अपने स्तर पर देखेगी कि किसकी क्या भूमिका रही।

सवाल: किस काम को सबसे पहले वरीयता देंगी ?

जवाब: जो काम अधूरे रह गए थे उन्हें पूरा करेंगी। शहर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। कौन सा काम पहले होना है, यह चर्चा के बाद तय करेंगी। बहुत काम हैं जो करने हैं। उनकी प्लानिंग करेंगी।

सवाल: अनुपम खेर रैली में आपके नाम के नारे लगाते रहे, उनकी भूमिका पर क्या कहेंगी ?

जवाब: अनुपम खेर का भी दिल से आभार जताती हूं। उनकी एक खासियत यह है कि वह डरते नहीं हैं, जो बोलते हैं धड़ल्ले से करते हैं। मुझे पता चला कि रैली में वह मेरे नाम के नारे लगाते थे। उनका किरण खेर के पति के रूप में परिचय होता था। शायद मैंने काम किए होंगे, इसलिए लोग मुझे जानते हैं ।

सवाल: कहा जा रहा है कि मोदी की रैली के बाद अचानक हवा बदली ?

जवाब: यह कोई टर्निंग प्वाइंट नहीं था। उन्होंने शहर की बेहतरी के लिए काम किए हैं, इसलिए लोगों ने पहले से ही जिताने का मन बना रखा था। एंटी इनकंबेंसी की बजाए प्रोइनकंबेंसी थी। हमने बूथ स्तर पर पांच साल लगातार मेहनत की। टिकट मिलने से पहले ही यह चल रहा था। एक बूथ 10 यूथ के सिद्धांत पर हर व्यक्ति तक पहुंचे।

सवाल: मोदी कैबिनेट में जगह पाने की कितनी इच्छा है?

जवाब: यह मेरे हाथ में नहीं है और न ही मैं ऐसी कोई इच्छा जाहिर करुंगी। भाजपा नेतृत्व जो जिम्मेदारी देगा उसे अच्छे से निभाना ही मेरी प्राथमिकता होगी।

सवाल: विपक्ष ईवीएम गड़बड़ी की बात उठा रहा है, क्या कहेंगी?

जवाब: मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान जीते तब ईवीएम में खराबी नहीं दिखी । राहुल गांधी वायनाड़ से जीते तो वहां ईवीएम ठीक है, ऐसा कैसे हो सकता है? गड़बड़ी ईवीएम में नहीं विपक्ष की सोच में हैं।

सवाल: स्मृति ईरानी और अमेठी पर क्या कहेंगी ?

जवाब: स्मृति ईरानी ने अमेठी में खूब मेहनत की है। वह अमेठी में रही हैं। राहुल गांधी ने अमेठी में फैक्ट्री के नाम पर चहारदिवारी का निर्माण कर छोड़ी थी । इन पर ताला जड़ा था। अब यह फैक्ट्री स्मृति ने शुरू कराई है। लोग जानते हैं..कौन उनके बीच रहा है इसलिए जनता ने उसकी को सराहा है।

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