यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खेलो इंडिया : ट्रैक्टर चालक की 13 वर्षीय बेटी सबसे छोटी खिलाड़ी
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में झारखंड के ट्रैक्टर चालक की बेटी ईतु मंडल सबसे कम उम्र की खिलाड़ी के तौर पर कबड्डी टीम का हिस्सा हैं।

राजेश मलकानियां, पंचकूला
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में झारखंड के ट्रैक्टर चालक की बेटी ईतु मंडल सबसे कम उम्र की खिलाड़ी के तौर पर कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। झारखंड की ईतु मंडल ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में पहली रेड करने से पहले ही रिकार्ड बुक में प्रवेश कर लिया था। ईतु 13 साल की उम्र में खेलों के इस संस्करण में अपने जौहर दिखा रही है। ट्रैक्टर चालक की बेटी ईतु मंडल को उस समय कबड्डी से प्यार हो गया, जब वह आठ साल की थी। अपने आस-पास की सभी बड़ी लड़कियों से प्रभावित होकर अंडर -18 युवा टीम का हिस्सा बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ीं। ईतु कहती हैं कि माता-पिता मेरे लिए चितित थे, लेकिन मैं कभी नहीं डरी। हालांकि ईतु मंडल का रिकार्ड ज्यादा दिन नहीं चल सकता। उससे पांच साल छोटी उसकी बहन को भी कबड्डी पसंद है और वह पहले से ही एक अच्छी खिलाड़ी के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हैं।
झारखंड के दुमका जिले के मधुबन गांव की ईतु मंडल ने कहा कि मैं अपने परिवार के बच्चों में सबसे बड़ी हूं, लेकिन माता-पिता ने मुझे पूरी छूट दी है। उन्होंने मुझ पर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का कोई दबाव नहीं डाला। ईतु को खेल में अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।
ईतु का कहना है कि मैं एक कोच बनना चाहती हूं। जैसे ही मैं खेल के बारे में पूरे दावपेंच सीख लूंगी, मैं कोचिग शुरू कर दूंगी। युवाओं के साथ काम करना चाहती हूं, उन्हें कबड्डी से प्यार करने में मदद करना चाहती हूं। हाल के वर्षो में कबड्डी देश में अगला बड़ा खेल बनकर उभरा है। इसने न केवल ग्रामीण भारत में युवाओं को एक बड़ा मंच दिया है, बल्कि कई लोगों को मेगा स्टार में बदल दिया है। उनमें से कुछ रातोंरात सुपर रिच भी बन गए हैं।
2016 में महिलाओं के लिए एक पेशेवर कबड्डी लीग भी शुरू की गई है, जो युवा लड़कियों को खेल के लिए आकर्षित करती हैं।
