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जेएनएन, चंडीगढ़। पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की पूर्व अध्यक्षा बीबी जागीर कौर को उनकी बेटी हरप्रीत कौर की हत्या के आरोप से दोषमुक्त किए जाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले के  खिलाफ दायर अपीलों पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

हाई कोर्ट में दायर इन अपीलों में जागीर कौर की बेटी हरप्रीत का पति होने का दावा करने वाले कमलजीत ने सीबीआइ अदालत के उस फैसले को खारिज करने की मांग की थी, जिसमें जागीर कौर को हत्या के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया था। इस मामले में बाद में सीबीआइ ने भी विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि बीबी जागीर कौर की बेटी हरप्रीत कौर की 20 अप्रैल, 2000 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। हरप्रीत की मौत के समय वह गर्भवती थी और उसकी असामयिक मौत के बाद गुपचुप तरीके से उसका अंतिम संस्कार करवाए जाने के बाद यह मामला विवादों में आया था।

वर्ष 2000 में दर्ज हुआ था मामला

हरप्रीत का पति होने का दावा करने वाले कमलजीत की शिकायत पर पंजाब पुलिस की ओर से जांच न किए जाने पर यह मामला अदालत पहुंचा था। 9 जून 2000, को अदालत ने इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी। सीबीआइ ने इस मामले में 3 अक्टूबर, 2000 को बीबी जागीर कौर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।

सीबीआइ कोर्ट ने सुनाई थी पांच साल की सजा

पटियाला स्थित सीबीआइ विशेष अदालत ने इस मामले में 30 मार्च, 2012 को बीबी जागीर कौर को हरप्रीत का जबरन गर्भपात करवाने व बंधक बनाकर रखने के मामले में दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई थी। सीबीआइ कोर्ट ने अपने फैसले में जागीर कौर और अन्य आरोपितों को हरप्रीत की हत्या का दोषी नहीं ठहराया था। हाईकोर्ट ने इसके  साथ ही सजा के खिलाफ बीबी जागीर कौर और अन्य आरोपितों की ओर से दायर की गई अपीलों पर भी अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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