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निशाना कुमार ब्रदर्स थे तो हुलिया जानकीदास का क्यों बताया? चंडीगढ़ पुलिस की चार्जशीट में कई सवाल अनसुलझे

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Published: Fri, 25 Sep 2026 07:05 AM (IST)

चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में जानकी दास हत्याकांड की पुलिस चार्जशीट में कई सवाल अनसुलझे हैं। पुलिस इसे गलत पहचान का ...और पढ़ें

जानकीदास की हत्याकांड को तीन महीने बीत चुके।

जानकीदास की हत्याकांड को तीन महीने बीत चुके।

HighLights

  1. पुलिस ने हत्याकांड को गलत पहचान का मामला बताया।

  2. कुमार ब्रदर्स की जगह जानकीदास के हुलिए पर सवाल।

  3. धुंधली फोटो व कारोबारी रंजिश जैसे अहम पहलू अनसुलझे।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकीदास की हत्या को तीन महीने बीत चुके हैं। पुलिस इस केस में चार्जशीट तैयार कर जिला अदालत में दाखिल कर चुकी है।

पुलिस इस केस को गलत पहचान से की गई हत्या बता रही है, हालांकि अभी भी इस थ्योरी पर कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं जोकि अनसुलझे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि जब विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने शूटरों को कुमार ब्रदर्स को निशाना बनाने के निर्देश दिए थे तो उन्हें जानकी दास से मिलता-जुलता हुलिया क्यों बताया गया?

क्या वाकई लक्ष्य की पहचान को लेकर हुई चूक की वजह से जानकी दास की हत्या हुई? पुलिस की चार्जशीट में उस शूटर का कबूलनामा है, जिसने ऑटोमेटिक पिस्टल से जानकीदास पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।

उसने कबूलनामे में कहा है कि उसे जिस व्यक्ति का हुलिया बताया गया था, वह कुमार ब्रदर्स की दुकान पर नहीं मिला। इसलिए वह आगे चले गए, वहां उन्हें बताए गए हुलिए जैसा शख्स दिखा तो उसने उस पर गोलियां चला दीं।

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जानकीदास पहले कुमार ब्रदर्स के यहां कैशियर के तौर पर काम कर चुके थे और करीब छह महीने पहले ही उन्होंने श्री कुमार की दुकान पर नौकरी शुरू की थी। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कहीं जानकीदास ही असली निशाना तो नहीं थे। हालांकि चार्जशीट में इस एंगल पर जांच का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

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यह सवाल जो अभी भी अनसुलझे

धुंधली फोटो क्यों भेजी गई : आरोपित सन्नी मेहरा और उसके साथी अमित उर्फ शराबी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें गोल्डी ढिल्लों की ओर से कुमार ब्रदर्स की दुकान की जो फोटो उपलब्ध कराई गई थी, वह बेहद धुंधली थी। ऐसे में सवाल है कि जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, उसकी पहचान के लिए स्पष्ट फोटो क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई?

तीन दुकान छोड़कर बैठे जानकीदास ही क्यों बने निशाना : जानकीदास कुमार ब्रदर्स की दुकान से करीब तीन दुकान छोड़कर बैठते थे। ऐसे में यदि हमलावरों का वास्तविक लक्ष्य कुमार ब्रदर्स थे तो वे जानकी दास तक कैसे पहुंचे?

लक्ष्य की पहचान में चूक कैसे हुई: वारदात में जिगाना जैसे ऑटोमेटिक हथियार, मोटरसाइकिल और वारदात के बाद भागने के रूट जैसी तैयारियां की गई थीं। ऐसे में अहम सवाल है कि जब हथियार और स्केप रूट जैसी चीजों की तैयारी इतनी बारीकी से की गई तो लक्ष्य की पहचान जैसे महत्वपूर्ण पहलू में चूक कैसे हुई?

कहीं कारोबारी रंजिश तो वजह नहीं: 13 जून को हत्या के बाद इसके पीछे कारोबारी रंजिश भी सामने आई थी, हालांकि इस पर जांच नहीं हुई। अब आरोपितों के बयानों में लक्ष्य और पहचान को लेकर सामने आई जानकारी के बाद यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या पुलिस ने इस एंगल की गहराई से जांच की?