जेएनएन, चंडीगढ़। सियासी संरक्षण में लुधियाना में अवैध निर्माण का मामला पंजाब विधानसभा में गूंजा। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर 'सियासी संरक्षण में अवैध निर्माण, मंत्री, अफसरों व बिल्डर की मिलीभगत' का मामला सदन में आम आदमी पार्टी की विधायक सरबजीत कौर माणुके ने शून्य काल में उठाया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मंत्री हो या संतरी... जिसने मेरे आदेश का पालन नहीं किया सारेयां नूं टंग दूंगा। उन्होंने विभाग के प्रमुख सचिव ए. वेणुप्रसाद को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा है।

विधायक माणुके ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि सियासतदानों, अफसरों और लैंड माफिया की मिलीभगत से प्रदेश के खजाने और आम लोगों को भारी चूना लग रहा है। इस मामले में सिद्धू ने निर्देश दिया है कि उनके आदेश का पालन न करने वाले अधिकारियों कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने नगर निगम लुधियाना के 98-सी नक्शा पास करने संबंधी मामले की सात जुलाई, 2018 को जांच के आदेश दिए थे और नक्शे की मंजूरी लंबित करने को कहा था। लेकिन इस आदेश का कुछ अधिकारियों ने पालन नहीं किया और जरूरी दस्तावेजों में हेराफेरी होने के बावजूद सीएलयू (चेंज ऑफ लैैंड यूज) का केस आगे भेज दिया। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डीएसपी की जांच में भी गड़बड़ी सामने आई

सिद्धू ने कहा कि जब उनके ध्यान में ग्रैंड मैनर होम्स की जमीन की रजिस्ट्री का मामला आया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीती नौ जुलाई को स्थानीय विभाग के प्रमुख सचिव को इस मामले की जांच करवाने को कहा। नगर निगम लुधियाना के डीएसपी से जांच करवाकर विस्तृत रिपोर्ट विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी के जरिए उन्हें एक महीने में सौंपने के आदेश दिए।

डीएसपी की जांच में यही बात सामने आई है कि नगर निगम लुधियाना और स्थानीय निकाय विभाग के मुख्य दफ़्तर के अधिकारियों द्वारा तथ्यों की जांच नहीं की गई। इस संबंधी मिली शिकायतों के निपटारे के बिना ही सीएलयू का केस मंजूर करके मंत्री के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया गया।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर।

सिद्धू बताएं कि मेरा नाम जांच में कैसे शामिल किया : आशू

लुधियाना सीएलयू के विवादित मामले में नाम घसीटे जाने के संबंध में खाद्य एवं आपूति मंत्री भारत भूषण आशु ने आधिकारिक बयान में कहा है कि इस विवाद से मेरा कोई संबंध नहीं है। मैं स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से यह पूछना चाहता हूं कि मेरा नाम इस जांच में कैसे शामिल किया गया? इस बात को वे स्पष्ट करें। यदि इसमें कोई सच्चाई है तो माननीय मुख्यमंत्री साहब को रिपोर्ट भेजी जाए। यदि किसी अधिकारी ने जान-बूझ कर बुरी भावना के साथ ऐसा किया है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

आप ने मांगा मंत्री भारत भूषण आशु का इस्तीफा

आप विधायक व नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा और सरबजीत कौर माणुके ने लुधियाना के ग्रैैंड मैनर होम्स मामले में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु का इस्तीफा मांगा है। विधायकों ने प्रेस कांफ्रेंस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की निगरानी में इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने और घोटाले में शामिल अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।

माणुके ने बताया कि सिद्धू द्वारा करवाई जांच में मंत्री भारत भूषण आशु, कांग्रेसी नेता कंवलजीत सिंह कड़वल और तीन आइएएस अफसरों का नाम सीधे तौर पर आया है। इसलिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमङ्क्षरदर सिंह तत्काल मंत्री आशु का इस्तीफा लें। उन्होंने कहा कि उनको नवजोत सिंह सिद्धू की ईमानदारी पर रत्ती भर भी शक नहीं। परंतु अब यह सिद्धू व कैप्टन के लिए आशु समेत अफसरों और लैंड माफिया पर कार्रवाई करने की कसौटी का विषय है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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