जेएनएन, चंडीगढ़। जल संरक्षण के क्षेत्र में विश्व में सबसे अधिक सफल प्रयोग करने वाले इजरायल ने पंजाब की मदद करने की पेशकश की है। इजरायल के भारतीय राजदूत डेनियल कारमोन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिले और यह पेशकश की। मुख्यमंत्री की इस महीने के अंत में भारत से निर्धारित रवानगी से पहले इजरायली राजदूत मुलाकात करने के लिए पहुंचे हुए थे।

कैप्टन ने कहा कि जब भूजल के संरक्षण संबंधी पांच सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी इजरायल का दौरा करेगी, उनको इससे पहले कुछ जरूरी समझौते होने की आशा है। उन्होंने राजदूत को बताया कि कृषि विविधता संबंधी इजरायल की तरफ से इस्तेमाल किए जाते तौर-तरीकों का अध्ययन करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया गया है, जिससे पानी का प्रयोग कम करने के साथ-साथ बेकार जाते पानी को दोबारा इस्तेमाल किया जा सके।

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पंजाब में भूजल के गंभीर संकट का जिक्र करते हुए कैप्टन ने इस समस्या से निपटने के लिए इजरायल सरकार के अधीन आधुनिक प्रौद्यौगिकी से लैस प्राइवेट कंपनियों की ओर से पायलट प्रोजेक्ट चलाने का सुझाव दिया। इजरायल के राजदूत ने सुझाव दिया था कि इजरायल की एक सरकारी एजेंसी 'न्यूटेक' भारत की राज्य सरकारों और उनके देश में प्राइवेट कंपनियों के साथ तालमेल करती हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्टों के बारे में इच्छा जाहिर की थी। राजदूत ने यह भी बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र में तीन इजरायली कंपनियां ड्रिप सिंचाई प्रोजेक्टों पर काम कर रही हैं।

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राजदूत ने कहा कि पंजाब सरकार उन कंपनियों की निशानदेही करे, जिन कंपनियों के साथ वह काम करने की इच्छुक हैं। उन्होंने वादा किया कि दोनों सरकारों के बीच जरूरी समझौते करने में मदद करने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावों की जांच करेंगे।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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