रोहित कुमार, मोहाली

मोहाली शहर के 500 से ज्यादा पार्को की सिचाई के लिए सीवरेज के ट्रीट हुए पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर निगम ने तुजुर्बेकार कंसल्टेट को नामजद करने की तैयारी की गई है। प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद एक्सपेंशन ऑफ इंटरेस्ट मांगें जाएंगे। निगम से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का इस्तेमाल इस काम के लिए किया जाएगा। फिलहाल गमाडा के एसटीपी में 10 एमजीडी (मेगा गेलन डेली) पानी ट्रीट करने की समर्था है, जिसे बढ़ाकर 15 एमजीडी किया जाएगा। जिसका पांच एमजीडी पानी का इस्तेमाल पार्को में लगी घास, फूलों व पाकों को धोने के लिए किया जाएगा। निगम की योजना है कि ट्रीटमेंट प्लांट से ही सीधे पानी की पाइपें पार्को तक पहुंचाई जाएं, लेकिन पाइप कम लागत में कैसे पार्को तक पहुंचे इसे लेकर रिपोर्ट तैयार की जानी है। मोहाली में इस समय 10 के करीब बड़े पार्क हैं, जिनमें सिल्वी पार्क, फेज-3बी1 स्थित रोज गार्डन, सिटी पार्क, बोगनवेलिया गार्डन आदि प्रमुख हैं। पिछले साल तक शहर के पार्को के रखरखाव का जिम्मा गमाडा के पास था, लेकिन निगम ने गमाडा से सभी पार्क टेकओवर कर लिए हैं और अब वह देखरेख कर रहे हैं। इसके बदले गमाडा निगम को मेंटेंनेंस चार्ज देता है। शहर के कई पार्को का रखरखाव शहर की रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन भी करती है। इसके बदले में निगम ने उन्हें मेंटेंनेंस दी जाती हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि पानी को बचाने के लिए ये प्रोजेक्ट अहम है। इस प्रोजेक्ट में जहां पार्को की सिचाई का काम किया जाएगा। वहीं, बारिश के पानी को पार्क में संरक्षित करने का काम पहले से चल रहा है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर काम किया जा रहा है, जिसे मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाएगा।

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