जागरण संवाददाता,चंडीगढ़ : ये बहुत दुखद है कि कास्टिंग काउच जैसी दुर्भाग्यपूर्ण वजह से एक्टिंग से जुड़ी इंडस्ट्री को बुरा भला कहा जाता है। हा, ये इसका एक हिस्सा है, मगर किसी फील्ड में इन दिनों ये नहीं हो रहा। इसे केवल एक्टिंग इंडस्ट्री से जोड़कर देखना गलत है। श्री रेड्डी ने जिस तरह से हिम्मत दिखाकर इसका विरोध किया, ऐसे में हमें इसके प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक और समाज में नारी के सशक्तिकरण पर ज्यादा विचार करना होगा। एक्ट्रेस समायरा संधू ने कुछ इन्हीं शब्दों में हाल ही में श्री रेड्डी द्वारा कास्टिंग काउच के खिलाफ किए प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। वह शनिवार को सेक्टर-17 स्थित डेल्से में बातचीत करने पहुंची। उन्होंने कहा कि इस इंडस्ट्री में रहते हुए उन्हें भी कई बार ऐसे कॉल आए, जिसमें आपको फिल्म में कार्य करने के बदले कई तरह के समझौता करने की बात कही जाती थी। मगर ऐसे समय में आपको सही तरीके से ऐसे लोगों को जवाब देना होता है। पंजाबी नाटकों ने दिखाई एक्टिंग की राह

समायरा ने कहा कि उन्होंने पटियाला में अपना बचपन बिताया, वहा रहते हुए कई पंजाबी नाटकों में अभिनय किया। ऐसे में एक्टिंग के प्रति एक विशेष आकर्षण पैदा हुआ। घर वाले अकसर पढ़ाई करने को कहते। ऐसे में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी से बीटेक की। इसके बाद हैदराबाद से एमबीए की शिक्षा ली। यहा आने तक मैं अभिनय से थोड़ा दूर रही। मगर एक मल्टीनेशल कंपनी में कार्य करने के दौरान मैंने मॉडलिंग के लिए ऑडीशन दिए। बस इसके बाद मुझे काफी ऑफर्स आने लगे। इसके बाद मुझे तमिल और तेलुगू फिल्म में काम मिला। मेरे लिए सबसे बड़ी कामयाबी मुंबई में घर लेना था। चंडीगढ़ में भी घर है, तो ऐसे में अकसर अपने घर आ जाया करती हूं।

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