जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : खरीदी गई इंश्योरेंस पॉलिसी के बावजूद मेडिकल क्लेम नहीं देना भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मंहगा पड़ गया। कंज्यूमर फोरम ने कंपनी द्वारा शिकायतकर्ता को इलाज में खर्च हुए 4,79,740 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को इस दौरान हुई परेशानी के लिए 15000 रुपये मुआवजा राशि और दस हजार रुपये केस खर्च देने के लिए भी कहा है।

मनीमाजरा निवासी कमल ब्रिज मोहन अरोड़ा ने कंज्यूमर फोरम को दी शिकायत में बताया कि वह कवल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर है। उन्होंने कंपनी के सभी कर्मचारियों व खुद के लिए ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 28 अक्टूबर 2016 से 27 अक्टूबर 2017 के लिए ली थी। इस दौरान उन्हें त्वचा की संबंधी बीमारी हो गई। इसके लिए वह 26 जून, 2017 को वह इलाज के लिए मुंबई स्थित लीलावती हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती हुए अगले दिन वहां से डिस्चार्ज हो गए। वहां पर उनका बिल 4,79,740 रुपये बना। कमल ने सारा बिल भर दिया और कंपनी को बिल भेज दिया। लेकिन बार-बार कहने के बावजूद कंपनी ने मेडिकल क्लेम देने से इंकार कर दिया। परेशान होकर कमल ने कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाया। वहीं कंपनी की तरफ से अपने पक्ष में दलील देते हुए कहा कि कमल ने जो पॉलिसी खरीदी थी वह अपने कर्मचारियों के लिए ली थी, जबकि कमल कर्मचारी नहीं है। इसलिए वह पॉलिसी के ग्राहक भी नहीं है। इस वजह से उन्हें क्लेम नहीं दिया जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अब कंज्यूमर फोरम ने अपना यह फैसला सुनाया है।

Posted By: Jagran

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