जेएनएन, चंडीगढ़। CBI की विशेष अदालत ने CBI को आदेश दिया है कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामलों की जांच की क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी पंजाब सरकार को उपलब्ध करवाए। अदालत ने कॉपी प्रदेश सरकार से साझा करने पर CBI की आपत्ति को खारिज कर दिया है जिससे सरकार को राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि CBI ने अपनी दलील में सरकार को अजनबी बताते हुए रिपोर्ट की कॉपी देने से मना कर दिया था।

CBI अदालत के जज निर्भव सिंह ने कहा कि नियमों के तहत आपराधिक मामलों में अजनबी भी चालान की प्रति हासिल कर सकते हैं। इस मामले में पंजाब सरकार की हैसियत हर हाल में अजनबी से तो बेहतर ही मानी जा सकती है। बेअदबी मामलों की जांच को लेकर पंजाब सरकार और CBI के बीच लगातार खींचतान के बीच जज ने पंजाब सरकार की पुनर्विचार याचिका को मंजूर कर लिया और CBI के स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के 23 जुलाई के आदेशों को खारिज कर दिया। इन आदेशों में पंजाब सरकार को क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी देने से इंकार कर दिया गया था। अदालत ने स्पेशल मजिस्टे्रट को क्लोजर रिपोर्ट के साथ संलग्न सभी दस्तावेज भी पंजाब सरकार को उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं।

पंजाब सरकार के स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर राजेश सलवान और संजीव बतरा की दलीलों को स्वीकार करते हुए अदालत ने पंजाब सिविल एंड क्रिमिनल कोट्र्स प्रेपरेशन एंड सप्लाई ऑफ कॉपीज ऑफ रिकॉर्ड रूल्स, 1965 का हवाला दिया। इसके तहत किसी भी आपराधिक मामले में संबंधित पक्ष चालान और अन्य दस्तावेजों को हासिल करने के अधिकारी होते हैं। आपराधिक मामलों में कोई बाहरी व्यक्ति भी दस्तावेजों को वाजिब कारण बताकर हासिल कर सकता है।

यह CBI का केस नहीं

जज ने अपने फैसले में कहा कि यह कोई CBI का केस नहीं है जिसमें क्लोजर रिपोर्ट और संलग्न दस्तावेजों को गोपनीय बताया जा सके। इसके अलावा इस मामले में CBI ने ट्रायल कोर्ट में CRPC की धारा 173(6) के तहत दायर किए जाने वाले दस्तावेजों को शिकायतकर्ता या आरोपित को न दिखाए जाने की अर्जी भी दायर नहीं की थी।

तीन FIR हुई थी दर्ज

गौरतलब है कि बेअदबी मामलों में नवंबर 2015 में तीन FIR दर्ज की गई थी जिनकी जांच बाद में CBI को सौंप दी गई थी। CBI द्वारा इन मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दायर किए जाने के बाद पंजाब सरकार ने रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी जिसे CBI ने खारिज कर दिया था।

प्रदेश सरकार की दूसरी कानूनी जीत

CBI द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दायर करने से पहले पंजाब विधानसभा ने इन मामलों की जांच CBI से वापस लेने का प्रस्ताव पारित कर दिया था। इसे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी थी। प्रस्ताव में बेअदबी मामलों की जांच पंजाब पुलिस से करवाने का फैसला किया गया था। अब अदालत द्वारा क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी देने के आदेश से प्रदेश सरकार की दूसरी कानूनी जीत हुई है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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