16 साल की सेवा का विवाद पहुंचा मोहाली उपभोक्ता फोरम के पास, स्कूल को 76,431 रुपये ग्रेच्युटी देने के आदेश
खरड़ के इंडस पब्लिक स्कूल को उपभोक्ता फोरम ने 16 साल की सेवा के बाद एक महिला कर्मचारी को 76,431 ...और पढ़ें

मोहाली स्थित जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
खरड़ स्थित इंडस पब्लिक स्कूल को ग्रेच्युटी देने का आदेश।
16 साल की सेवा के बाद महिला कर्मचारी को मिला न्याय।
6% ब्याज और 15,000 रुपये क्षतिपूर्ति भी देनी होगी।
जागरण संवाददाता, मोहाली। खरड़ स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में 16 साल तक काम करने वाली महिला कर्मचारी की ग्रेच्युटी के विवाद में जिला उपभोक्ता फोरम ने स्कूल को 76,431 रुपये ग्रेच्युटी के रूप में देने का आदेश दिया है।
फोरम ने इस राशि पर कर्मचारी की सेवा समाप्ति की तारीख 27 सितंबर 2017 से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, स्कूल को शारीरिक और मानसिक परेशानी तथा मुकदमेबाजी खर्च के लिए 15 हजार रुपये की संयुक्त क्षतिपूर्ति भी अदा करनी होगी।
मामला खरड़ की किरण गुप्ता से संबंधित है। शिकायत के अनुसार वह 1 अप्रैल 2002 से इंडस पब्लिक स्कूल में यूनिफार्म इंचार्ज के रूप में कार्यरत थीं। आरोप है कि 29 अक्टूबर 2017 को स्कूल में प्रवेश रोककर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं और लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद 1,38,462 रुपये की ग्रेच्युटी नहीं दी गई।
स्कूल ने फोरम के समक्ष दावा किया कि महिला ने वर्ष 2012 में नौकरी छोड़ दी थी और उसका हिसाब-किताब उसी समय पूरा कर दिया गया था। इसके बाद उसे 1 अप्रैल 2014 को नए सिरे से नियुक्त किया गया और 27 सितंबर 2017 तक ही सेवा में रही।
स्कूल ने इसी आधार पर पांच साल की लगातार सेवा पूरी न होने का तर्क देते हुए ग्रेच्युटी से इनकार किया। हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि स्कूल ने 28 दिसंबर 2017 को महिला को भेजे जवाब में 16 साल की अवधि यानी 4 अप्रैल 2002 से 30 सितंबर 2017 तक की ग्रेच्युटी की गणना 76,431 रुपये की थी।
फोरम ने इसी गणना को आधार बनाते हुए महिला को 76,431 रुपये ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया। फोरम ने स्पष्ट किया कि ग्रेच्युटी की गणना कुल वेतन के बजाय मूल वेतन के आधार पर की जाती है।
इससे पहले, शिकायत को फतेहगढ़ साहिब जिला फोरम में स्थानांतरित किया गया था, जहां 19 जून 2023 को इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आती।
इसके खिलाफ दायर अपील पर पंजाब राज्य उपभोक्ता आयोग ने 31 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता को उपभोक्ता मानते हुए मामला दोबारा मेरिट पर तय करने के लिए एसएएस नगर फोरम को भेजा था। एसएएस नगर फोरम ने शिकायत को आंशिक रूप से मंजूर करते हुए उक्त आदेश पारित किया।
