जेएनएन, चंडीगढ़। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव की भव्यता का संदेश दुनियाभर में पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार आगामी मंगलवार को 90 देशों के राजदूतों को अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन करवाने जा रही है। इन सभी राजदूतों को भारत में प्रकाश पर्व को लेकर जारी तैयारियों की जानकारी दी जाएगी।

राजदूतों को विशेष विमान से केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी के नेतृत्व में अमृतसर लाया जाएगा। इस दौरे के दौरान पारंपरिक गिद्धा और भांगड़ा नृत्य का आयोजन होगा जिसके बाद उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन करवाए जाएंगे। उन्हें सिख इतिहास और पंजाबी संस्कृति से अवगत करवाने के लिए विशेष गैलरियों के दर्शन भी करवाए जाएंगे। इसके बाद उन्हें श्री हरमंदिर साहिब का प्रसिद्ध लंगर भी छकाया जाएगा।

अर्ध कुंभ मेले में गए थे राजदूत

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भारत सरकार ने दिसंबर, 2018 में प्रयागराज में आयोजित अर्ध-कुंभ मेले से पहले भी 70 देशों के राजदूतों को वहां का दौरा करवाया था। अर्ध-कुंभ की तैयारियों के बारे में उन्हें जानकारी दी गई थी।

सरकार का मास्टर स्ट्रोक

550वें प्रकाशोत्सव पर भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने के प्रयासों और इस महोत्सव की भव्यता का श्रेय लेने को लेकर भारत और पाकिस्तान सरकार के बीच जारी कशमकश में भारत सरकार का यह कदम एक मास्टर-स्ट्रोक की तरह देखा जा रहा है। इन राजदूतों में बोलिविया, बुरकिना फासो, कोस्टा रिका, इजिप्ट, इराक, इंडोनेशिया, इजराइल जैसे देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा विदेश मंत्रालय फ्रांस, इंग्लैंड, अमेरिका और यूएई जैसे लगभग आधा दर्जन देशों में गुरु नानक देव जी के जीवन से जुड़े अहम तथ्यों के डिजिटल डिस्प्ले का प्रयास भी कर रहा है। कोशिश है कि वहां के लोग भी गुरु नानक देव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं से अवगत हो पाएं।

पंजाब सरकार व SGPC करेगी प्रबंध

राजदूतों के इस दौरे का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और विदेश मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। पंजाब सरकार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) इस दौरे के सभी प्रबंध करेगी। माना जा रहा है कि भारत सरकार ऐसे आयोजनों से विश्व समुदाय को भारत की धार्मिक विविधता और भारतीयों की धार्मिक स्वच्छंदता का संदेश देना चाहती है। सरकार बताना चाहती है कि यहां लोग अपनी मर्जी से किसी भी धर्म को अपना सकते हैं।

20 डालर की फीस पर अंतिम निर्णय बाकी

गौरतलब है कि करतारपुर कॉरिडोर खुलने में लगभग सवा दो सप्ताह बचे हैैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच कॉरिडोर को खोलने की शर्तें अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं। पाकिस्तान द्वारा भारतीय तीर्थयात्रियों से 20 डॉलर की फीस वसूलने की शर्त पर दोनों पक्षों में अभी गतिरोध जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, प्रवेश शुल्क के अलावा अन्य सभी विषयों पर दोनों पक्ष समझौते पर पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रति यात्री लगभग 1420 रुपये की फीस करतारपुर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले सामान्य लोगों के लिए काफी अधिक है। भारतीय पक्ष उम्मीद कर रहा है कि दोनों पक्ष फीस के मसले पर भी समझौते पर पहुंच जाएंगे।

भारतीय अधिकारी की तैनाती पर पाक सहमत

जानकारी के अनुसार पाकिस्तान ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में महोत्सव के दौरान भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को करतारपुर में तैनात किए जाने पर सहमति दे दी है। विशेष दिवसों पर दस हजार भारतीय यात्रियों के करतारपुर में प्रवेश पर भी पाकिस्तान सरकार ने हामी भर दी है। तीर्थ यात्रियों के लिए करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में दर्शन और यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास के समय निर्धारित करने पर भी अंतिम फैसला होना है।

भारत-पाकिस्तान में मेलजोल का नया द्वार

गौरतलब है कि श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव भारत और पाकिस्तान के बीच सामाजिक मेलजोल का नया द्वार खोलने का सबब बना है। गुरु नानक देव जी अपनी चार उदासियों (यात्राओं) के बाद करतारपुर साहिब में बसे थे और उन्होंने अपना अंतिम समय वहीं बिताया था।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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