विशाल पाठक, चंडीगढ़

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव इस बार रोमांचक हो गया है। हर वार्ड से कम से कम दो से तीन आजाद उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा है। कई वार्ड तो ऐसे हैं, जहां चार से पांच आजाद उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोकी है। ये आजाद उम्मीदवार कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का चुनावी खेल बिगाड़ेंगे। पार्टी से टिकट न मिलने पर बगावत पर उतरे ये आजाद उम्मीदवार अब अपने ही पार्टी के प्रत्याशी से चुनावी मैदान में जीतने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। यहां तक की भाजपा और कांग्रेस जिन नेताओं की टिकट कटी है, अब वह चुनावी मैदान में एक दूसरे को समर्थन दे रहे हैं। इसका सीधा उदाहरण है कांग्रेस के पूर्व नेता शशि शंकर तिवारी को जब टिकट नहीं मिली तो उन्होंने पार्टी का दामन छोड़ दड़वा से भाजपा से बगावत कर बैठे गुरप्रीत सिंह हैप्पी को समर्थन दिया है। क्योंकि भाजपा ने इस बार टिकट बंटावारे में गुरप्रीत सिंह हैप्पी का टिकट भी काट दिया। इन आजाद उम्मीदवारों पर रहेगी खास नजर

वार्ड नंबर-12 से सुरेंद्र शर्मा ने निर्दलीय तौर पर नामांकन दाखिल किया है। डड्डूमाजरा सीट पर भाजपा नेता नरेंद्र चौधरी ने नाराजगी जाहिर करते हुए नामांकन दाखिल किया है।धनास सीट से आप से टिकट न मिलने पर अनिल मदान ने निर्दलीय तौर पर नामांकन दाखिल किया है। भाजपा में भी टिकट आवंटन से कई नेता नाराज है। भाजपा में निक्कू ने भी नाराज होकर निर्दलीय तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। शशि शंकर तिवारी वार्ड नंबर-9 से अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे, अब वह इस वार्ड से चुनाव लड़ रहे पूर्व सरपंच गुरप्रीत हैप्पी की पत्नी के समर्थन में आ गए हैं। हैप्पी ने भी टिकट न मिलने पर भाजपा छोड़ दी है। वहीं महासचिव हरमेल केसरी भी पत्नी प्रिति केसरी को भी टिकट न मिलने से नाराज है। भाजपा के टिकट वितरण से नाखुश होकर मुकेश गोयल ने वार्ड 32 से निर्दलीय तौर पर नामांकन भरा है। इसके अलावा शहर से एनवायरमेंट ग्रुप के भी उम्मीदवार निर्दलीय तौर पर खड़े है जिससे भी राजनीतिक दलों का नुकसान होगा। इन वार्ड में सबसे ज्यादा आजाद उम्मीदवारों ने भरा नामांकन

शहर में सबसे ज्यादा आजाद उम्मीदवार वार्ड नंबर-32 से छह, 29 से पांच और 35 से तीन आजाद उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है। बाकी सभी वार्ड में एक या दो आजाद उम्मीदवार हैं। सबसे ज्यादा वार्ड नंबर-29 से 14 लोगों ने नामांकन भरा है। इसके बाद दूसरे स्थान पर वार्ड नंबर-15 है, यहां से 13 लोगों ने नामांकन भरा है। नए चेहरों पर दांव खेल रही है कांग्रेस और भाजपा

पुराने व वरिष्ठ नेताओं के अलावा 10 से 15 साल से लगातार पार्षद रहे उम्मीदवारों की इस बार टिकट काट कर कांग्रेस और भाजपा ने नए चेहरों पर दांव लगाया है। कांग्रेस और भाजपा ने 35 वार्डों पर जिन प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें 55 फीसद तक युवा व नए चेहरे हैं। यहां तक की कांग्रेस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों ने खुद टिकट न लेकर युवाओं को मौका दिया है।

Edited By: Jagran