डेराबस्सी, जेएनएन। माइनिंग माफिया द्वारा घग्गर नदी के उस पार से अवैध खनन करने के लिए नदी को पोकलेन की सहायता से पाटकर बड़े-बड़े पाइप डालकर रास्ता बनाने की कोशिश की है। डेराबस्सी में पिछले महीने भी इसी प्रकार डेराबस्सी के ककराली क्षेत्र में नदी के अंदर पाइप डालकर दूसरी तरफ से अवैध माइनिंग के लिए रास्ता तैयार किया गया था, जोकि लोगों के विरोध के कारण ड्रेनेज विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी थी।

ड्रेनेज विभाग ने पिछले हफ्ते ही उक्त रास्ता तुड़वाया था, परंतु अवैध रास्ता बनाने का काम अब गांव भांखरपुर रेलवे ब्रिज के बिल्कुल नीचे तैयार किया जा रहा है। भांखरपुर में हाईवे पुल और रेलवे पुल के बीच त्रिवेदी कैंप के निकट नदी पार जाने के लिए घग्गर नदी में मिट्टी व पाइप डालकर अवैध रास्ता बनाया जा रहा है।

हाईवे पुल और रेलवे पुल के बिल्कुल पास से खनन करने से कभी भी कुछ अनचाहा हो सकता है। पोकलेन मशीन की मदद से घग्गर के कुदरती बहाव से छेड़छाड़ करते हुए बड़े बड़े पाइप दिनदहाड़े डाले जा रहे हैं ताकि पानी के बीच नदी पार भारी वाहनों की आवाजाही शुरु की जा सके।

इस रास्ते के लिए ड्रैनेज विभाग से भी कोई मंजूरी नहीं है। रास्ता बनाने का मकसद यहां से सैंड समेत ग्रेवल की माइनिंग करना है ताकि ग्रेवल साथ लगते स्क्रीनिंग प्लांटों तक पहुंचाने में रास्ते का लाभ लिया जा सके। रास्ता बनाने वालों का कहना था कि घग्गर पार भांखरपुर की जमीन माइनिंग के लिए अलॉट हुई है। उसी के लिए रास्ता बनाया जा रहा है, परंतु मौके पर उनके पास कोई भी परमिशन नहीं थी।

ड्रेनेज विभाग ने कराया काम बंद

इस बाबत ड्रेनेज विभाग के जेई निशांत गर्ग ने बताया कि यह मामले का पता लगते ही उन्होंने शाम को टीम भेजकर काम बंद करा दिया है। उन्होंने कहा कि रास्ते के लिए न पहले परमिशन ली गई थी और न अब। परमिशन के लिए अप्लाई तक नहीं किया गया है। अभी काम रोका है, यदि दोबारा बिना परमिशन काम शुरू किया तो न केवल मशीनें जब्त की जाएंगी, बल्कि रास्ता बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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Posted By: Vipin Kumar

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