संवाद सहयोगी, बरवाला : वार्ड-20 के गांव जलौली में निगम अधिकारियों ने अवैध मकानों को तोड़ दिया। इनके मालिकाना हक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मकान गिरते देख मकान मालिक व उनकी महिलाओं व बच्चों ने रो-रोकर अधिकारियों के आगे मकान नहीं गिराने की गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। पीड़ित बीरू, रफीक, लीला खान, संजीफा, जैतून ने बताया कि उनके मकान 30 वर्ष से यहां बने हुए थे। यह जगह आबादी कीहै। इसके अलावा उनके पास कोई भी रहने की जगह नहीं है। सरकार ने गांव के कुछ रसूखदार लोगों की शिकायत पर बच्चों को आसमान के नीचे खड़ा कर दिया है। लोगों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि अधिकारियों ने यह कार्रवाई सोमवार को इसलिए की, क्योंकि उन्हें पता था कि उनके मकानों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें मंगलवार को सुनवाई होनी है।

सूचना मिलते ही पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन, वरिष्ठ कांग्रेस के नेता विजय बंसल भी मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद अधिकारियों से पीड़ितों को एक दिन की मोहलत देने की बात कही। जिस पर वहां मौजूद अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से बात कर कार्रवाई रोक दी, लेकिन उनके जाने के बाद फिर से मकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी और शाम छह बजे तक सभी मकानों को गिरा दिया गया। नगर निगम के एटीपी एमपर शर्मा ने कहा कि गांव के लोगों की शिकायत पर सामुदायिक केंद्र की जगह पर बने इन मकानों को गिराया गया है। बकायदा इन लोगों को नोटिस दिए गए थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट बरवाला के नायब तहसीलदार अभिनव, जेई राजेश शर्मा, मोहन लाल, चंडीमंदिर थाना प्रभारी ललित शर्मा, बरवाला चौकी प्रभारी मुकेश कुमार पूरे दलबल सहित मौजूद रहे।

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