राजेश ढल्ल, चंडीगढ़

अब तक 50 फीसद लोगों ने ही प्रापर्टी और हाउस टैक्स जमा करवाया है, जबकि टैक्स जमा करवाने की अंतिम तारीख समाप्त होने में एक सप्ताह शेष है। 30 जून को सेल्फ असेसमेंट स्कीम खत्म हो रही है। इस बार पिछले सालों के मुकाबले स्कीम के तहत आधे लोगों ने ही इसका लाभ उठाया है, जबकि पिछले सालों में इसके तहत 75 फीसद लोग हाउस टैक्स जमा करवा देते थे। शहर के व्यापारी नगर निगम से प्रापर्टी टैक्स को माफ करने की भी मांग कर रहे हैं। इस बार निगम ने सेल्फ असेसमेंट स्कीम को एक माह के लिए बढ़ा दिया था, बावजूद 50 फीसद लोगों ने अभी तक टैक्स जमा नहीं करवाया है। 30 जून तक प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने वालों को 10 और हाउस टैक्स जमा करवाने वालों को 20 फीसद की छूट मिलेगी, जबकि एक जुलाई से हाउस और प्रापर्टी टैक्स महंगा हो जाएगा।

शहरवासी ई-संपर्क सेंटर में जाकर अपने घर और कामर्शियल इमारत का टैक्स जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन भी टैक्स जमा करवाने की सुविधा है। हर साल एक अप्रैल से दो माह के लिए सेल्फ असेसमेंट स्कीम लांच की जाती है। नगर निगम को सबसे ज्यादा कमाई प्रापर्टी और हाउस टैक्स से होती है। हर साल 50 करोड़ रुपये की कमाई होती है। इस बार निगम ने 55 करोड़ कमाई का लक्ष्य रखा है। शहर में 55 गज से ऊपर के मकान में रहने वालों पर हाउस टैक्स लगता है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक 60 हजार लोग टैक्स का भुगतान कर चुके हैं, जिनसे 28 करोड़ की राशि आ चुकी है। एक जुलाई से लगेगा ब्याज और जुर्माना

शहर में 26 हजार कामर्शियल और 70 हजार रिहायशी इमारतें है, जोकि टैक्स के दायरे में आती हैं। जो लोग 30 जून तक हाउस टैक्स जमा नहीं करवाएंगे उन्हें एक जुलाई से 25 प्रतिशत अतिरिक्त हाउस और प्रापर्टी टैक्स लिया जाएगा। 12 प्रतिशत ब्याज भी अलग से चार्ज किया जाएगा। सरकारी इमारतों और मकानों से सर्विस चार्ज लिया जाता है, जिसका भुगतान प्रशासन करता है। प्रशासन भी चाहे तो अपनी इमारतों के टैक्स का भुगतान करके सेल्फ असेसमेंट स्कीम का फायदा ले सकता है। एक जुलाई के बाद ही डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जो संपर्क एप लांच की गई है उससे बिजली और पानी के बिल तो जमा हो जाते हैं, लेकिन हाउस और प्रापर्टी टैक्स का उससे भुगतान नही हो पा रहा।

Edited By: Jagran