चंडीगढ़, [कुलदीप शुक्ला]। यदि आप ड्राइविंग के समय फाेन कॉल पर बात कर सकते हैं और इसके लिए चालाना नहीं कटेगा, बशर्ते आपकी कार में इनबिल्‍ड स्‍पीकर या ब्‍लूटूथ हो। ड्राइविंग के समय मोबाइल आपके हाथ में नहीं होना चाहिए और कॉल कार में इन-बिल्ड ब्लू-टूथ या स्पीकर पर होना चाहिए।

ट्रैफिक नियमों के नए प्रावधान को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने इस नियम को लागू कर दिया है। इससे पहले कंपनियों से वाहन में मिलने वाले इनबिल्ड ब्लू-टूथ और स्पीकर पर भी चालान का प्रावधान था। हालांकि, दूसरे किसी भी तरह से वाहन की ड्राइविंग के समय मोबाइल इस्तेमाल करने पर पहली बार में एक हजार रूपये का चालान और ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होने का प्रावधान है।

ड्राइविंग के समय फोन पर बात करने पर चालान के साथ लाइसेंस सस्पेंड का प्रावधान

दूसरी बार उसी वाहन का चालान होने पर राशि दोगुनी चार हजार रूपये हो जाएगी। शहर में रोजाना चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, जम्मू सहित अन्य राज्यों की रजिस्टर्ड करीब एक लाख गाड़ियों की मूवमेंट होती हैं।

      साल      टीवीएसआइ चालान (ऑनलाइन)         अन्य चालान  

  • 2019          22013                                         4840
  • 2020          8794                                           1670

ओवर स्पीड पर पहली बार फाइन, दूसरी बार डबल राशि और लाइसेंस सस्पेंड

2021 में नए गाइड लाइन के तहत पहली बार वाहन के ओवरस्पीड चालान पर एक हजार रूपये का जुर्माना किया जाएगा। दूसरी बार ओवस्पीड का चालान होने पर दो हजार रुपये के जुर्माने के साथ लाइसेंस भी सस्पेंड होगा। अभी तक ट्रैफिक पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट-1988 के तहत ओवर स्पीडिंग करने पर पहली बार में चालान कर लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास भेज देती थी। इस पर आरएलए अथॉरिटी की ओर से लाइसेंस को सस्पेंड करने का फैसला लिया जाता था। चंडीगढ़ पुलिस की ओर इसकी नई गाइडलाइंस जारी की गई थी।

       साल                चालान

  • 2019 -           8814
  • 2020-            30710

चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा सड़क हादसे और मौत की वजह ..

सिटी ब्यूटीफुल में नियम तोड़ने की वजह से सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। लोगों की जान जाती है। दूसरे नंबर की वजह बहुत साधारण है और जल्दबाजी करने वाले अक्सर वाहन चालक रेड लाइट को नजरअंदाज कर जाते हैं। यानि चंडीगढ़ में रेड लाइट जंप करने का मतलब है सीधे मौत को न्योता देना। शहर में दूसरे नंबर पर चार फीसद सड़क हादसों में मौत रेड लाइट जंप करने की वजह से हुई है।

पुलिस आंकड़ों के अनुसार 92 फीसद सड़क हादसों की वजह तेज रफ्तार में ड्राइविंग है। इसके अलावा नशा में ड्राइविंग से तीन और रांग साइड ड्राइविंग से एक फीसदी लोगों की मौत दर्ज हुई है। वहीं, ठंड के समय कोहरे में गलत ड्राइविंग और पार्किंग भी मुख्य वजह साबित होती है। आंकड़ों के आधार पर नियम और कायदे में चलने वाले ही फायदे में रहेगे। इससे 95 फीसद हादसों में कमी आने का अनुमान लगाया जा सकता है।

मौत की मौत               फीसद

ओवरस्पीड -                92

रेड लाइट जंप -            04

ड्रंक एंड ड्राइव -             03

रांग साइड ड्राइविंग -    01 

(प्रति वर्ष बिना हेलमेट ड्राइव और ट्रिपल राइडिंग में भी 10 से ज्यादा जान जाती है) 

किस नियम में कितने चालान (सितंबर 2020 तक)

  • विदाउट हेलमेट-                 13378
  • ओवरस्पीडिंग-                    16900 96
  • ड्रंकन ड्राइव-                        318
  • रेड लाइट जंप-                     1769
  • जेब्रा लाइन वायलेशन           14240
  • विदाउट सीट बेल्ट-              3170
  • लाइसेंस सस्पेंड-                   4020

चार नियमों में चालान और लाइसेंस सस्पेंड

  • -ड्रंक एंड ड्राइव
  • -ओवरस्पीड ड्राइविंग
  • -रेड लाइट जंप
  • -ड्राइविंग के समय मोबाइल का उपयोग

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'' अब वाहन में ड्राइविंग के समय हैंड्स फ्री इन-बिल्ड स्पीकर पर बातचीत करने पर चालान नहीं किया जा रहा है। जबकि, किसी भी अन्य तरीके से ड्राइविंग के समय मोबाइल इस्तेमाल करने पर चालान के साथ लाइसेंस सस्पेंड होने का भी प्रावधान है। पहली बार चालान पर दो हजार जुर्माना और लाइसेंस सस्पेंड का प्रावधान है। जबकि, दूसरी बार इसी तरह चालान होने पर जुर्माने की राशि बढ़कर दोगुना यानि की चार हजार रूपये हो जाती हैं।

                                                                                                                 - एसपीएस सोंधी।

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