जेएनएन, चंडीगढ़। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। अगर आप मिठाई खरीद रहे हैं और आपको मिठाई की गुणवत्ता को लेकर शक है तो आप इसकी शिकायत हेल्पलाइन 102 पर कर सकते हैं। हेल्पलाइन मौके पर आकर मिठाई के सैंपल लेगी और यदि उसमें कोई मिलावट पाई गई तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारी सीजन में मिठाई में मिलावट की समस्या आम है। कई जगह मिलावटी मिठाई बेची जाती है। इसके साथ ही त्योहारों पर डिमांड अधिक होने के कारण कई दुकानदार पहले से ही भारी मात्रा में मिठाई बनाकर उसे स्टॉक कर लेते हैं। पहले से बनाकर रखी गई मिठाई स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह उसी दुकान से मिठाई खरीदें, जहां उन्हें बिना मिलावट की मिठाई मिलने का भरोसा हो। इसके अलावा अगर मिठाई का रंग ज्यादा है या फिर उसके टेस्ट में कोई बदलाव है तो उसे खाएं नहीं बल्कि उसकी जांच करवाएं।

एफएसएसएआइ पर भी कर सकते हैं शिकायत

खाद्य पदार्थो की जांच स्वास्थ्य विभाग सेक्टर-16 के अस्पताल में भी करता है। इसके बाद भी यदि कोई ग्राहक चाहे तो वह एफएसएसएआइ के पास शिकायत कर सकता है। उसके लिए ईमेल से शिकायत की जा सकती है।

दुकानदारों को चेतावनी मानकों का करें पालन

स्वास्थ्य विभाग ने शहर के मिठाई विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वह मानकों के अनुसार बनी मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थो की ही बिक्री करें। दुकान पर नकली सामान पकड़ा जाता है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मिलावटी मिठाई से नुकसान

मिलावटी मिठाई का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, इससे शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक त्यौहारों के मौके पर खोया एवं रंग बिरंगी मिठाइयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। सिंथेटिक खोया, केमिकल रंग से बने मिठाइयों के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है और पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है।

ऐसे करें पहचान

त्योंहारों में बिक रही मिलावटी मिठाई की पहचान आप अपने स्तर पर भी कर सकते हैं। मिठाई खरीदने जाएं तो इन तरीकों से पता लगाया जा सकता है कि मिठाई नकली है या नहीं।

  • अगर मिठाई हाथ में लेने से उसका रंग हाथ पर लग रहा है तो मिठाई में मिलावट हो सकती है।
  • शुद्ध मावा हमेशा मुलायम होता है। मावे को उंगलियों के बीच मसलें, अगर यह दानेदार लगता है तो मावा मिलावटी है।
  • मिलावटी खोये की पहचान करने के लिए, फिल्टर पर आयोडीन की दो से तीन बूंदें डालिए। अगर यह काला पड़ जाता है तो इसका मतलब ये मिलावटी है।
  • मिठाइयों को तेज रंग देने के लिए आर्टिफिशियल रंगों का बड़े पैमाने पर किया जाता है। मिठाइयों के तेज रंग से भी मिठाई के नकली होने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt