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हरियाणा में ADA के 255 पदों पर चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में, HPSC चेयरमैन के रिटायरमेंट से पहले आ सकता है रिजल्ट

Published: Mon, 19 Oct 2026 04:10 PM (IST)

हरियाणा लोकसेवा आयोग ने सहायक जिला न्यायवादी के 255 पदों के लिए साक्षात्कार के बाद अभ्यर्थियों के प्राप्तांक जारी किए हैं, और अंतिम परिणाम जल्द आने की उम्मीद है।

हरियाणा में ADA के 255 पदों पर चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में (फाइल फोटो)

हरियाणा में ADA के 255 पदों पर चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 255 सहायक जिला न्यायवादी पदों के साक्षात्कार संपन्न

  2. एचपीएससी चेयरमैन आलोक वर्मा का कार्यकाल समाप्त

  3. 'अटार्नी' पदनाम के उपयोग पर कानूनी विवाद

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में सहायक जिला न्यायवादी (एडीए) के 255 पदों पर चयन के लिए साक्षात्कार का दौर खत्म होते ही हरियाणा लोकसेवा आयोग (एचपीएससी) ने अभ्यर्थियों के रोल नंबर के साथ प्राप्तांक जारी कर दिए हैं।

एचपीएससी चेयरमैन आलोक वर्मा का कार्यकाल 22 अक्टूबर को पूरा होने जा रहा है, जिससे पहले फाइनल रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है।आयोग का नया अध्यक्ष बनने के लिए कई दावेदाराें ने लीबिइंग तेज कर दी है।

10 से 18 अक्टूबर तक चले साक्षात्कार में सहायक जिला न्यायवादी के लिए कुल 514 अभ्यर्थी दौड़ में रहे। यानी कि प्रत्येक पद के लिए दो दावेदार हैं।

इसी बीच हरियाणा सरकार की सेवा में नियमित तौर पर नियुक्त और कार्यरत सरकारी वकीलों के पदनाम में अटार्नी (न्यायवादी) के प्रयोग पर कानूनी विवाद कायम है। संसद ने 50 वर्ष पूर्व 1976 में अधिवक्ता अधिनियम (एडवोकेट्स एक्ट) 1961 में संशोधन कर अटार्नी को उसमें से हटा दिया था।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने सवाल उठाया है कि जब अधिवक्ता अधिनियम में ‘अटार्नी (न्यायवादी)’ शब्द से संबंधित पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया जा चुका है, तो हरियाणा सरकार की अभियोजन विधिक सेवा (प्रासिक्यूशन लीगल सर्विस) के ग्रुप (ए) और ग्रुप (बी) सेवा नियमों में यह शब्द आज भी क्यों प्रयोग हो रहा है।

उन्होंने इस मामले में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव, एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता), विधि परामर्शी (एलआर) और निदेशक अभियोजन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजकर पदनामों की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने और सेवा नियमों की समीक्षा करने की अपील की थी, लेकिन आज तक जवाब लंबित है।

हेमंत के अनुसार हरियाणा अभियोजन विधिक सेवा (ग्रुप-बी) सेवा नियम 2001 में असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटार्नी (एडीए) तथा ग्रुप-ए सेवा नियम 2013 में डिस्ट्रिक्ट अटार्नी (डीए) और डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी (डीडीए) जैसे पदनामों का इस्तेमाल किया गया है।

उनका तर्क है कि राज्य सरकार के सेवा नियम संसद द्वारा बनाए गए केंद्रीय कानून के अनुरूप होने चाहिए। इसलिए इन पदनामों में प्रयुक्त ‘अटार्नी’ शब्द की कानूनी स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।