चंडीगढ़, [साजन शर्मा]। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के घटनाक्रम पर उपराष्ट्रपति व यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. हामिद अंसारी ने कड़ा रवैया अपनाया है। उन्होंने पीयू प्रशासन से पूछा है कि ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं कि पुलिस ने पहले तो विद्यार्थियों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया और थोड़ी देर बाद धारा को हटा भी दिया। साथ ही यह भी पूछा कि ऐसे हालात क्यों पैदा हुए कि स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े।

विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोडऩे की वजह भी पूछी

बताया जाता है कि उन्‍होंने यह भी पूछा है कि फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर स्टूडेंट्स से बातचीत जारी क्यों नहीं रखी गई? कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तैयार करा कर ब्यौरा चांसलर के पास भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, चांसलर आफिस पीयू के वीसी को तलब कर सकता है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि उनके लिए कुछ अप्रिय स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं।

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चांसलर ऑफिस ने पीयू कुलपति से घटनाक्रम पर मांगा जवाब

वहीं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने भी पूरे मामले में वीसी से जवाब तलब किया है। वीसी की सोमवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री से मुलाकात होगी। इस दौरान पूरे मामले पर जावेड़कर वीसी से बातचीत कर सकते हैं।

दूसरी तरफ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने वीसी और पीयू के अधिकारियों के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए एक रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को भेजी है। इसमें एबीवीपी ने वीसी को कार्यकाल पूरे होने से पहले ही हटाने की सिफारिश की है।

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एबीवीपी का आरोप है कि वीसी प्रो. ग्रोवर का विद्यार्थियों के प्रति रवैया सही नहीं है। वीसी व विद्यार्थियों के बीच जबरदस्त संवादहीनता है। मंगलवार को भी वीसी आफिस के पास पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच जो झड़प हुई वह इसी का नतीजा था। अगर विश्‍वविद्यालय प्रशासन समय पर विद्यार्थियों की बात सुनता और उन्हें आश्वासन देता तो ऐसी घटना नहीं होती।

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एसएफएस व इससे जुड़े संगठन भी निशाने पर

एबीवीपी ने रिपोर्ट में एसएफएस और इससे जुड़े छात्र संगठनों को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एसएफएस पीयू की शांति को भंग कर रही है। इन पर अंकुश लगाने की बजाए पीयू प्रशासन ने लगाम ढीली छोड़ रखी है और कई शिक्षक भी इनकी मदद कर रहे हैं। इसका नतीजा हिंसा के तौर पर सामने आया।

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एबीवीपी का आराेप है कि सोशोलॉजी विभाग की कक्षाओं में सरेआम कुछ टीचर पीएम और देश के खिलाफ मोर्चा खोले रहते हैं। जिस दिन परिसर में विवादित नेता सीमा आजाद पहुंचीं उस दिन वीसी आफिस के पास प्रदर्शन एसएफएस का था। पीएम को लेकर भी यहां पेपर प्रेजेंटेशन हुई। एबीवीपी ने मांग की कि जो टीचर इसमें शामिल हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

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