जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए बेघर स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिवारों और तीन लाख से कम सालाना आय वाले बेघर परिवारों के लिए ग्रामीण आवास योजना लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस स्कीम को चरणबद्ध रूप से लागू करने का फैसला किया गया है।

सभी बेघर स्वतंत्रता सेनानियों को पहले चरण के दौरान इस स्कीम के तहत लाया जाएगा। उन पर एक ही शर्त लागू होगी कि वे जिस गांव में मकान बनाना चाहते हों वे उस गांव के पक्के निवासी हों। संयुक्त परिवारों में रह रहे विवाहित बेघर/बे-जमीन लड़के जिनका अपना अलग बिजली का कनेक्शन या राशन कार्ड हो, इस स्कीम के योग्य होंगे।

लाभपात्री को राज्य सरकार द्वारा 1.20 लाख की राशि दी जाएगी। इसके अलावा मनरेगा स्कीम के साथ इसको जोड़ कर 90 दिनों की मजदूरी मकान निर्माण के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। यह मजदूरी लाभपात्री द्वारा खुद या किसी अन्य जॉब कार्ड होल्डर की तरफ से जा सकती है। मकान के साथ 12 हजार की लागत से एक शौचालय मनरेगा/स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया जाएगा। लाभपात्री की तरफ से बनाया जाने वाला मकान लगभग 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का होगा जिसमें एक कमरा, एक रसोई और एक शौचालय शामिल होगा।

पहले चरण में सबसे पहले सभी बेघर स्वतंत्रता सेनानियों को इस स्कीम के तहत लाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) (जी) के अधीन योग्य पाए जाने वाले वह लाभपात्री लाए जाएंगे जिनकी आय 1.2 लाख रुपये तक होगी। दूसरे चरण के दौरान 1.20 लाख से 3 लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों को इस स्कीम के अधीन लाया जाएगा। उद्योगपतियों को कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के अधीन इस स्कीम में योगदान देने के लिए उत्साहित किया जाएगा। इसी तरह एनआरआइज को भी उत्साहित किया जाएगा।

ब्लाक स्तर पर बनेगी स्क्रीनिंग कमेटी

ब्लाक स्तर पर एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाई जाएगी जिसके ब्लाक विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमुख होंगे। सरपंच, ग्राम पंचायत के तीन मेंबर (जिनमें कम से कम एक महिला और एक अनुसूचित जाति का व्यक्ति होना जरूरी होगा), गांव का नंबरदार इस कमेटी के मेंबर होंगे। 

रिवर्स बोली के ठेकेदारों को 11 करोड़ भुगतान को हरी झंडी

सरकार ने प्रगतिशील बोली के द्वारा खनन के ठेके देने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने खदानों की रिवर्स बोली की जगह प्रोग्रेसिव बोली करने के राज्य सरकार के फ़ैसले को मंजूरी दी थी। इसने सभी खनन सरगर्मियां तुरंत रोके जाने के आदेश दिए थे और ठेकेदारों को खनन वाले स्थानों से अपनी मशीनरी हटाने के लिए निर्देश दिए थे जिससे खदानें फिर राज्य सरकार के पास फिर बोली के लिए आने का रास्ता साफ हुआ।

कैबिनेट बैठक में खदानों की प्रगतिशील बोली के द्वारा फिर बोली करने के फैसले को मंत्रिमंडल ने हरी झंडी दे दी। इस फैसले से रिवर्स बोली की प्रक्रिया के द्वारा बोली की गई खदानों के ठेकेदारों को अपने ठेके की बकाया मियाद के लिए पेशगी लाभ मिलेगा।

इस मकसद के लिए कुल 11 करोड़ अदा करने की संभावना है। इन खदानों की प्रगतिशील बोली के द्वारा फिर बोली की जाएगी और पेशगी लाभ को उस समय खदानों की रिवर्स कीमत में शामिल कर लिया जाएगा जब उनकी प्रगतिशील बोली के द्वारा बोली हो जाएगी। मंत्रिमंडल ने 19 अप्रैल, 2017 को राज्य में प्रगतिशील बोली के द्वारा खदानों की बोली करने का फैसला लिया था। बाद में मामला कोर्ट चला गया था।

पंजाब उच्च शिक्षा कौंसिल बनाने को अध्यादेश मंजूर

कैबिनेट ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की जरूरत के अंतर्गत पंजाब उच्च शिक्षा कौंसिल गठित करने के लिए अध्यादेश को मंज़ूर करने सहित कई और अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री इस कौंसिल के चेयरमैन होंगे, उच्च शिक्षा मंत्री उप-चेयरमैन और प्रशासनिक सचिव, उच्च शिक्षा इसके मैंबर सचिव होंगे। कमेटी में राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के उप-कुलपति, सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कला, विज्ञान, प्रौद्यौगिकी, सभ्याचार और उद्योग आदि के क्षेत्र में प्रसिद्ध योगदान डालने वाले व्यक्ति शामिल किए जाएंगे।

विधायकों के लिए एक्स-ग्रेशिया अनुदान में वृद्धि

कैबिनेट ने विधायकों के लिए एक्सग्रेशिया अनुदान एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने के लिए दी पंजाब स्टेट लैजिसलेचर मैंबर्स (पेंशन एंड मेडिकल फेसिलिटीज रेगूलेशन) रूल्स, 1984 की धारा 10 -ए (1) में संशोधन करने को मंजूरी दी है। फैसले के मुताबिक यदि पंजाब विधानसभा के मेंबर की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को पांच लाख की एक्स-ग्रेशिया अनुदान राशि मुहैया करवाई जाएगी।

नायब तहसीलदार (बी) सेवा नियम मंजूर

कैबिनेट ने पंजाब नायब तहसीलदार (ग्रुप बी) सेवा नियम-2018 को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार नायब तहसीलदार के पद जो मौजूदा पंजाब नायब तहसीलदार सेवा नियम, 1984 अनुसार दर्जा तीन के पद थे, अब ग्रुप बी के हो गए हैं। इसके साथ अब नायब तहसीलदार ग्रुप बी सेवा नियम बनाए जाने हैं। इस समय नायब तहसीलदार का पद दर्जा-3 का पद होने के कारण इसके नियुक्तिकर्ता अधिकारी संबधित मंडलों के कमिश्नर हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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