जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू करने के प्रोजेक्ट पर इसी साल काम शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट पर मंजूरी दे दी है। जबकि इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार की एसपेंडिचर फाइनेंस कमेटी पहले ही मंजूरी दे चुकी है। अब इस प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस की एएफडी के साथ चंडीगढ़ प्रशासन का एमओयू साइन होगा। यह शहर का ड्रीम प्रोजेक्ट है। साल 2027 से शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सप्लाई मिलनी शुरू हो जाएगी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से इस संबंध में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। केंद्र के अन्य संबंधित मंत्रालयों से इस प्रोजेक्ट के लिए एनओसी मिल गई है। अब 576.57 करोड़ रुपये के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह देश का 24 घंटे पानी की सप्लाई का पहला प्रोजेक्ट है जो चंडीगढ़ में शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत ग्रांट भी मिल रही है। प्रशासक के सलाहकार धर्म पाल ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से मंजूरी दिए जाने का पत्र सोमवार को प्रशासन को मिल गया है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने साल 2016 में एएफडी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें एएफडी ने जल आपूर्ति, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के समर्थन के लिए सहमति व्यक्त की थी।

प्रोजेक्ट में 20 फीसद महिलाओं को मिलेगा रोजगार

सलाहकार धर्म पाल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत 269 किमी की पाइप लाइन बदली जाएगी। इससे भू जल स्तर में भी भारी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट में 20 फीसद महिलाओं को रोजगार दिया जाएगा। जल बचाने के लिए जो अभियान चलाया जाएगा उसमे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए 591.59 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास किया गया था जिसमे 60.77 करोड़ रुपये की राशि पानी के मीटर की भी शामिल है।

दावा-24 घंटे पानी की सप्लाई से बचेगा पानी

स्मार्ट सिटी का दावा है कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से पानी की बर्बादी जहां आधी हो जाएगी वहीं पानी की खपत कम हो जाएगी। इस समय शहरवासी हजारों पानी स्टोर करके रखते हैं जब पानी की सप्लाई आती है तो पुराना स्टोर किया हुआ पानी फेंक देते हैं। इस समय 30 फीसद से ज्यादा पानी हर दिन बर्बाद होता है। 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू होने से यह बर्बादी 12 फीसद से कम हो जाएगी। पानी की पाइपों को बदला जाएगा

इस प्रोजेक्ट के तहत कजौली वाटर वकर्स के जो पहले चार फेज है उनकी पाइपों के बदलने का भी काम होना है। इस समय इन पाइपों की जगह जगह लीकेज के कारण हर दिन हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। कभी कभार बड़ी रिपेयर होने के कारण शहर की पानी की सप्लाई भी बंद करनी पड़ती है। लेकिन इनकी स्थायी रिपेयर होने के कारण जो पानी का कट लगता है वह दिक्कत भी दूर हो जाएगी।

नवंबर से शुरू हो सकता है प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य

टेंडर अलाट करने के बाद नवंबर में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम फ्रांस से 412 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लेगा और यह राशि सितंबर में मिल जाएगी। लोन को 15 साल में चंडीगढ़ नगर निगम को लौटाना है। नगर निगम के इस प्रोजेक्ट पर 576 करोड़ रुपये खर्च होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम को 98 करोड़ रुपये की ग्रांट भी मिल रही है। इस समय मनीमाजरा में 24 घंटे पानी की सप्लाई के प्रोजेक्ट के साथ जोड़ने पर पहले से काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में 4 मिलियन गैलन पानी की अतिरिक्त स्टोरेज हो पाएगी। लोगों के घरों में 13,700 नए स्मार्ट मीटर लगेंगे और 20 किलोमीटर लंबी सप्लाई लाइन डाली जाएंगी।

खर्च का ब्योरा

इस प्रोजेक्ट पर खर्च की कीमत 591.58 करोड़

एएफडी से मिलेगी ग्रांट 412.80 करोड़

यूरिपयन यूनियन कमिशन ग्रांट 97.87 करोड़

नगर निगम और स्मार्ट सिटी खर्चेगा 80.92 करोड़ बाक्स

-शहर में प्रति व्यक्ति पानी की खपत 254 प्रति लीटर जो पूरे देश में सबसे ज्यादा

-देश में प्रति व्यक्ति पानी की औसत खपत 135 प्रति लीटर

-शहर में कजौली वाटर वकर्स के छह फेज है जिससे प्रतिदिन 87 एमजीडी पानी मिलता है

-शहर में 225 टयूबवेल हैं जिनसे प्रतिदिन 22 एमजीडी पानी लिया जाता है

-गर्मी में शहर में पानी की मांग 112 एमजीडी

-सर्दी में पानी की मांग 85 एमजीडी रहती है

-शहर में एक लाख 40 हजार पानी के कनेक्शन

-शहर में 20 एमजीडी टरशरी वाटर बनता है लेकिन इसकी खपत 10 एमजीडी पानी की है। जो पार्कों के सिंचाई के काम आता है ।

Edited By: Jagran