चंडीगढ़ [कुलदीप शुक्ला]। सड़क हादसों को अंजाम देकर भागने वाले 21 मौतों और 41 गंभीर घायलों के आरोपितों की स्मार्ट पुलिस कागजों में तलाश करने में लगी है। शहर के किसी भी कोने में सिर्फ पांच मिनट में पहुंचने का दावा करने वाली पुलिस की नाक के नीचे आरोपित हादसे कर फरार हो जाते हैं। 2019 में अलग-अलग जगह कुल 126 हिट एंड रन के मामले दर्ज हुए। जिसमें 47 लोगों की मौत और 79 लोग चोटिल हुए। सभी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस सिर्फ 26 मौतों और 38 घायलों के आरोपितों को दबोच पाई। हैरानी की बात है कि कुछ हादसों में गाड़ी मौके पर छोड़कर भागने के बावजूद पुलिस आरोपितों तक नहीं पहुंच पाई।

हिट एंड रन की बड़ी वजह

-देर रात सड़कों पर पुलिस नाकों की गैरमौजूदगी में ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरस्पीड और लाउड म्यूजिक में ड्राइविंग।

-रात को सभी ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री कर दी जाती हैं जिसके कारण कई बार सड़क हादसे हुए।

-सभी कैमरे बेहद खराब क्वालिटी के हैं। जिनके कारण वाहनों की नंबर प्लेट ट्रैक नहीं हो पाती।

शहर में 14 हजार सीसीटीवी कैमरे फिर भी पुलिस खाली हाथ

यूटी पुलिस विभाग की टीम में रात के समय पेट्रोलिंग के लिए एक नाइट ड्यूटी डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर, 60 पीसीआर, चीता स्क्वॉयड सहित थाना पुलिस की बड़ी टीम होती है। पुलिस विभाग ने पब्लिक से अपराध पर अंकुश लगाने के नाम पर अलग-अलग एरिया में कुल 14 हजार सीसीटीवी कैमरे भी लगावाए। इसके बावजूद चोर, स्नैचर सहित अपराधियों को लगाम लगाने में नाकाम पुलिस हिट एंड रन वालों को भी नहीं दबोच पा रही।

टहल सिंह के मौत पर ऑडी जब्त, आरोपित तीन महीने से फरार

सेक्टर-22 स्थित चंडीगढ़ के मशहूर टहल सिंह का ढाबा के मालिक टहल सिंह की ऑडी कार को करीब तीन महीने पहले देर रात घर जाते सेक्टर-22-23 लाइट प्वाइंट पर ऑडी सवार टक्कर मार अपनी गाड़ी छोड़कर भाग गया था। आरोपित की गाड़ी सेक्टर-17 थाने में जब्त होने के बावजूद आरोपित चालक या ऑडी मालिक की पता नहीं लग पाया है।

हिट एंड रन के तकरीबन आधे केस सॉल्व किए जा चुके हैं। कई केसों में आरोपितों के वाहनों के पा‌र्ट्स भी जांच को भेजे गए हैं। जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

-चरणजीत सिंह, ट्रैफिक डीएसपी एंड पीआर।

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