विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सांसद अमृतपाल के खिलाफ पैरवी करने वाले वकील की सुरक्षा हटाने पर हाई कोर्ट सख्त, पंजाब सरकार को भेजा नोटिस

Published: Thu, 04 Jun 2026 12:14 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ पैरवी कर रहे वकील सिमरनजीत सिंह की सुरक्षा वापस लेने पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है।

अमृतपाल के खिलाफ पैरवी करने वाले वकील की सुरक्षा हटाने पर पंजाब सरकार को हाई कोर्ट का नोटिस।

अमृतपाल के खिलाफ पैरवी करने वाले वकील की सुरक्षा हटाने पर पंजाब सरकार को हाई कोर्ट का नोटिस।

HighLights

  1. वकील सिमरनजीत सिंह की सुरक्षा वापस ली गई

  2. हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया

  3. 10 जून तक जवाब देने का निर्देश दिया

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। सांसद अमृतपाल सिंह से जुड़े मामलों में अदालत में पैरवी कर रहे एडवोकेट सिमरनजीत सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मामले में 10 जून से पहले उचित कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट की जाए।

याचिका में एडवोकेट सिमरनजीत सिंह ने दावा किया है कि अमृतपाल सिंह के समर्थकों और अन्य अलगाववादी संगठनों की ओर से जारी की गई 10 लोगों की कथित हिट लिस्ट में उनका नाम भी शामिल है। इस सूची के सार्वजनिक होने के बाद पिछले वर्ष पंजाब पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि, हाल ही में बिना किसी नए खतरे के आकलन अथवा सुरक्षा समीक्षा के उनकी पूरी सुरक्षा वापस ले ली गई।

याचिकाकर्ता का कहना है कि सुरक्षा हटाए जाने के बावजूद उनके और उनके परिवार के प्रति खतरा समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार का निर्णय न केवल मनमाना है बल्कि उनकी जान-माल की सुरक्षा के अधिकार को भी प्रभावित करता है। उन्होंने अदालत से सुरक्षा बहाल करने और खतरे के स्तर का नए सिरे से मूल्यांकन कराने की मांग की है।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वह कई संवेदनशील मामलों में पेश हो रहे हैं। विशेष रूप से गुरप्रीत सिंह हरिनौ हत्या मामले में वह अमृतपाल सिंह के खिलाफ पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त खडूर साहिब से सांसद बने अमृतपाल सिंह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका में भी वह याचिकाकर्ता विक्रमजीत सिंह दोआबी की ओर से अदालत में पेश हो रहे हैं।

याचिका में कहा गया है कि ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें लगातार सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद बिना किसी ठोस कारण और बिना खतरे का पुनर्मूल्यांकन किए सुरक्षा वापस ले लेना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी बताया कि सुरक्षा हटाने से उनके पेशेवर दायित्वों के निर्वहन और परिवार की सुरक्षा दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

प्राथमिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले पर जवाब मांगा है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 10 जून से पहले याचिकाकर्ता की सुरक्षा संबंधी मांग पर उचित निर्णय लिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर खतरे का नया आकलन भी कराया जाए।