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कौमी इंसाफ मोर्चा के गवर्नर हाउस घेराव के एलान पर हाईकोर्ट सख्त, कहा-चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था न बिगड़े

Published: Fri, 14 Aug 2026 07:00 PM (IST)

कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा 15 अगस्त को गवर्नर हाउस घेराव के एलान पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि चंंडीगढ़ में कानून व्यवस्था न बिगड़े।

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को प्रदर्शन के एलान पर सौंपी अहम जिम्मेदारी। (एआई जनरेटेड फोटो)

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को प्रदर्शन के एलान पर सौंपी अहम जिम्मेदारी। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने गवर्नर हाउस घेराव पर सख्त रुख अपनाया।

  2. शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार, पर कानून व्यवस्था जरूरी।

  3. चंडीगढ़ प्रशासन, पंजाब सरकार को सुरक्षा के निर्देश दिए।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा 15 अगस्त को पंजाब के गवर्नर हाउस के घेराव के एलान के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।

मामले की सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी आवश्यक है।

हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न हो। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी, जब स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं।

चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी रिपोर्ट के माध्यम से देनी होगी। याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चे के समर्थक चंडीगढ़ में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि बड़े प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक जाम और आपातकालीन सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
याचिकाकर्ता ने हिंसक घटनाओं की संभावना को भी उठाया, विशेषकर हरियाणा के अंबाला में हुई हालिया घटना का हवाला देते हुए।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम जरूरी हैं। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

हाईकोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को स्वीकार करते हुए प्रशासन को कानून व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

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